कोर्ट का फैसला: गवर्नेंस पर लगी रोक
सुप्रीम कोर्ट ने Raghuvanshi Investments Pvt. Ltd. में गवर्नेंस प्रस्तावों पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फर्म Sona Comstar के फाउंडर्स से जुड़ी है। कोर्ट का मकसद मध्यस्थता (Mediation) के दौरान स्थिति को शांत रखना है। हालांकि, इस रोक से Sona BLW Precision Forgings Ltd. (Sona Comstar) के संचालन और गवर्नेंस पर गहरा असर पड़ रहा है। यह कंपनी ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और EV कंपोनेंट्स की एक बड़ी निर्माता है।
फाउंडर विवाद से बढ़ी गवर्नेंस चिंताएं
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से रानी कपूर को कुछ राहत मिली है, क्योंकि इससे फाउंडर-लिंक्ड इन्वेस्टमेंट फर्म में बोर्ड बदलाव जैसे अहम गवर्नेंस प्रस्तावों पर फिलहाल रोक लग गई है। यह विवाद रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच Sona Group की संपत्ति को लेकर विरासत और कंट्रोल को लेकर है।
Sona Comstar का शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई ₹590 के करीब ट्रेड कर रहा है और नतीजे भी मजबूत रहे हैं। लेकिन, फैमिली डिस्प्यूट के चलते इंटरनल गवर्नेंस का रिस्क (Risk) काफी बड़ा है। कंपनी का मार्केट कैप हाल ही में ₹36,000-₹37,000 करोड़ के बीच रहा है।
EV ग्रोथ पर मंडराया खतरा
Sona Comstar भारत के तेजी से बढ़ते ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और EV कंपोनेंट मार्केट में एक अहम खिलाड़ी है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में ₹4,449.5 करोड़ से अधिक का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्रोग्राम्स का योगदान लगातार बढ़ रहा है।
यह कंपनी भारत, अमेरिका, यूरोप और चीन में ऑटोमेकर्स को डिफरेंशियल असेंबली, स्टार्टर मोटर और EV ट्रैक्शन मोटर जैसे पार्ट्स सप्लाई करती है।
हालांकि, Sona Comstar को Uno Minda और Samvardhana Motherson जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है।
इसका मौजूदा स्टॉक वैल्यूएशन, प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो के हिसाब से 56x से 59x के बीच है, जो इंडस्ट्री के औसत P/E (लगभग 35.22x) से काफी ज्यादा है।
कुछ एनालिस्ट्स (Analysts) ₹573-₹574 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, वहीं कुछ सतर्क हैं। Motilal Oswal ने हाई वैल्यूएशन और EV मार्केट में सुस्ती के जोखिमों को देखते हुए 'Neutral' रेटिंग दी है। BofA Securities ने 'Underperform' रेटिंग दी है।
कुल रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, Sona Comstar ने हाल ही में बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) रेवेन्यू में 3% की गिरावट और EBITDA मार्जिन में 1.8% की कमी देखी है।
उत्तराधिकार संकट और वैल्यूएशन के जोखिम
Sona Comstar के लिए सबसे बड़ी चिंता फाउंडर फैमिली का यह गहरा विवाद है। फाउंडर सुरिंदर कपूर की पत्नी रानी कपूर ने RK Family Trust से जुड़े फ्रॉड (Fraud) के आरोप लगाए हैं, जिसमें ट्रस्ट का बड़ा हिस्सा है। उनका दावा है कि ट्रस्ट में उनके पास वीटो राइट्स (Veto Rights) हैं, जो कंपनी के प्रोफेशनल गवर्नेंस पर सवाल खड़े करते हैं।
Sona Comstar का कहना है कि रानी कपूर 2019 से शेयरहोल्डर नहीं हैं और उनके पास कानूनी अधिकार नहीं हैं।
यह विवाद 2015 के बाद शुरू हुआ और हाल ही में तेज हुआ है। यह कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ऑपरेशनल चिंताएं भी बढ़ रही हैं। BEV रेवेन्यू में गिरावट और प्रॉफिट मार्जिन का कम होना यह दर्शाता है कि मार्केट के फैक्टर्स (जैसे उत्तरी अमेरिका में EV डिमांड में बदलाव) दबाव बना रहे हैं।
कंपनी का लगभग 59x का हाई P/E रेशियो, इंटरनल गवर्नेंस इश्यूज और बाहरी ऑपरेशनल चुनौतियों को देखते हुए कमजोर लग रहा है।
लंबी कानूनी प्रक्रिया, जिसमें अब सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता शामिल है, यह दर्शाती है कि समाधान जल्दी नहीं होगा और निवेशकों के लिए अनिश्चितता की अवधि बढ़ सकती है।
आगे का रास्ता: अनिश्चितता से निपटना
सुप्रीम कोर्ट का मध्यस्थता का प्रयास समाधान की ओर एक रास्ता दिखाता है, लेकिन विवाद की जटिलता को देखते हुए यह एक कठिन सफर होगा।
Sona Comstar रेलवे जैसे सेक्टर्स में डायवर्सिफिकेशन (Diversification) और EV मार्केट से जुड़े खास रिस्क को कम करने के लिए हाई-मार्जिन प्रोजेक्ट्स और एडवांस्ड मोटर टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रही है।
हालांकि, EV सप्लाई चेन में बड़े ग्रोथ के अवसरों को भुनाने की कंपनी की क्षमता काफी हद तक उसके इंटरनल गवर्नेंस विवादों को सुलझाने की सफलता पर निर्भर करेगी। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक इसका मौजूदा हाई वैल्यूएशन दबाव में आ सकता है।
