प्रोजेक्ट को मिली नई रफ्तार
Solarworld Energy Solutions Limited के एग्जीक्यूटिव पैनल ने अपनी सहायक कंपनी, Solarworld BESS One Private Limited को ₹6.75 करोड़ की बैंक गारंटी देने का आधिकारिक फैसला सुनाया है। यह फंड इस बड़ी 500 MW/1000 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंसिंग हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह प्रोजेक्ट Build-Own-Operate (BOO) मॉडल के तहत चलेगा और इसके लिए Viability Gap Funding (VGF) स्कीम के तहत सरकारी मदद मिलने की भी संभावना है। VGF एक ऐसी सरकारी योजना है जो कमर्शियली व्यवहार्य रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को शुरुआती पूंजी के लिए सहारा देती है।
यह कदम Solarworld Energy के रिन्यूएबल इंफ्रास्ट्रक्चर में विस्तार की रणनीति का एक अहम हिस्सा है, खासकर बैटरी स्टोरेज समाधानों पर फोकस करते हुए। ऐसे सिस्टम ग्रिड की स्थिरता को मजबूत करने और रुक-रुक कर आने वाले सोलर पावर को बेहतर ढंग से इंटीग्रेट करने के लिए जरूरी हैं। इस पहल का समर्थन करके, कंपनी भारत के बढ़ते एनर्जी स्टोरेज मार्केट का फायदा उठाना चाहती है और सोलर एनर्जी से आगे बढ़कर अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करना चाहती है।
Solarworld Energy Solutions, जो EPC सर्विसेज और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के जरिए सोलर एनर्जी सेक्टर में सक्रिय है, अब एनर्जी स्टोरेज को भी अपने दायरे में ला रही है। इसकी सहायक कंपनी, Solarworld BESS One Private Limited, इन बैटरी स्टोरेज सिस्टम्स को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
इस गारंटी के साथ, Solarworld BESS One Private Limited अब बाहरी फंड जुटाने की ओर बढ़ सकती है, जिससे 500 MW BESS प्रोजेक्ट हकीकत में बदल सकेगा। यह डेवलपमेंट Solarworld Energy को देश के एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में एक बढ़ता हुआ रोल निभाने की स्थिति में लाता है, जो भविष्य की ग्रिड विश्वसनीयता के लिए एक महत्वपूर्ण घटक है। कंपनी की फाइलिंग में इस बैंक गारंटी की मंजूरी से जुड़े किसी खास जोखिम का उल्लेख नहीं किया गया है।