Solar Industries Share: डिफेंस ऑर्डर से बंपर मुनाफा! ₹21,000 करोड़ पार हुआ ऑर्डर बुक, शेयर रिकॉर्ड हाई पर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Solar Industries Share: डिफेंस ऑर्डर से बंपर मुनाफा! ₹21,000 करोड़ पार हुआ ऑर्डर बुक, शेयर रिकॉर्ड हाई पर

Solar Industries India ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **93%** बढ़कर **₹652.6 करोड़** हो गया है। डिफेंस और इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स सेगमेंट में जोरदार ग्रोथ के दम पर स्टॉक ने नया लाइफटाइम हाई छुआ है। कंपनी की ऑर्डर बुक **₹21,350 करोड़** से ज्यादा हो गई है।

Solar Industries का दमदार प्रदर्शन

Solar Industries India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) में शानदार परफॉर्मेंस दी है। कंपनी ने 92.7% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹652.6 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹338.7 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू में 71.2% की तेजी आई और यह ₹3,688.2 करोड़ पर पहुंच गया।

डिफेंस सेगमेंट की बड़ी भूमिका

इस ग्रोथ का मुख्य श्रेय डिफेंस सेगमेंट को जाता है, जहां 123% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी स्वदेशी उत्पादों पर फोकस बढ़ा रही है और भारत व विदेश में नए ग्राहक बनाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स बिजनेस में भी 65% की ग्रोथ दर्ज की गई, जो कंपनी के ग्लोबल फुटप्रिंट के विस्तार को दिखाता है।

ऑपरेशनल एफिशिएंसी और ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार हुआ है। EBITDA मार्जिन बढ़कर 28.1% हो गया, जो पिछले साल 24.8% था। EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹21,350 करोड़ से ज्यादा हो गई है, जो भविष्य की कमाई के लिए अच्छी विजिबिलिटी देती है, बशर्ते प्रोजेक्ट्स समय पर और बजट के अंदर पूरे हों।

भविष्य की रणनीति और जोखिम

Solar Industries ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए ₹14,000 करोड़ का रेवेन्यू गाइडेंस बनाए रखा है। कंपनी बड़े एक्सपेंशन फेज में है और FY27 के लिए ₹2,050 करोड़ कैपिटल स्पेंड के लिए रखे हैं, जिसमें से ₹450 करोड़ पहली तिमाही में ही खर्च हो चुके हैं। यह स्पेंड ग्रोथ को सपोर्ट करेगा, लेकिन वर्किंग कैपिटल और डेट मैनेजमेंट पर भी ध्यान देना होगा।

यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि डिफेंस और एक्सप्लोसिव्स जैसे सेक्टर सरकारी नीतियों, रेगुलेटरी बदलावों और खरीद चक्रों के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं। कैपिटल-इंटेंसिव होने के कारण, प्रोजेक्ट्स में देरी या लागत बढ़ने से मार्जिन पर असर पड़ सकता है। स्टॉक फिलहाल हाई वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, यानी बाजार ने हाई ग्रोथ की उम्मीदें लगा रखी हैं। इसलिए, इन टारगेट्स को पूरा करना शेयरधारकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.