पुणे अब Volkswagen Group का ग्लोबल R&D सेंटर!
Skoda Auto Volkswagen India (SAVWIPL) ने अपने पुणे स्थित टेक्नोलॉजी सेंटर (TCP) का 33,000 वर्ग फुट तक विस्तार कर दिया है। इस महत्वपूर्ण कदम से यह फैसिलिटी अब पूरे Volkswagen Group के लिए एक प्रमुख ग्लोबल रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) हब के तौर पर पहचानी जाएगी।
इंजीनियरों की फौज और नए प्रोजेक्ट्स
इस नए विस्तार में 250 से अधिक इंजीनियरों के लिए जगह बनाई गई है, जिससे पुणे में कुल R&D टीम की संख्या 450 से अधिक हो गई है। यह टीम एडवांस्ड व्हीकल डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और सस्टेनेबल मोबिलिटी टेक्नोलॉजीज जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर काम करेगी। इसके अलावा, डिजिटल टेक्नोलॉजीज, ऑटोमेशन और एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम्स पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
SAVWIPL की 'मेक इन इंडिया, फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड' (Make in India, for India and the world) स्ट्रैटेजी के तहत, पुणे सेंटर Volkswagen Taigun, Škoda Kushaq और Kylaq जैसे कॉम्पैक्ट SUVs के डेवलपमेंट में पहले ही अहम भूमिका निभा चुका है।
भारत का बढ़ता ऑटो मार्केट और चुनौतियां
भारत का ऑटोमोबाइल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और Volkswagen Group इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहता है। हालांकि, कंपनी कुछ चुनौतियों का भी सामना कर रही है। SAVWIPL के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में पिछले फाइनेंशियल ईयर के 6.3% से घटकर इस फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों में सिर्फ 1.6% रह गया है। इसके पीछे बढ़ते खर्चे, रेड सी संकट के कारण फ्रेट कॉस्ट में बढ़ोतरी और एमिशन स्टैंडर्ड्स (उत्सर्जन मानकों) के नए नियमों का अनुपालन प्रमुख कारण हैं। वैश्विक स्तर पर भी Volkswagen Group ने प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की है। इसके अलावा, कंपनी पर 10,948 करोड़ रुपये से अधिक की कंटीजेंट लायबिलिटीज़ (Contingent Liabilities) भी हैं, जो मुख्य रूप से लीगल और टैक्स से जुड़े मुद्दों से संबंधित हैं। चीनी निर्माताओं से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) की बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी एक अहम फैक्टर है।
नए इलाकों तक पहुंच
R&D के अलावा, Skoda Auto India अपनी मार्केट रीच (पहुंच) बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। कंपनी ने Common Services Centre (CSC) Grameen eStore के साथ पार्टनरशिप की है, ताकि Kylaq, Kushaq और Slavia जैसे मॉडलों को छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों तक आसानी से पहुंचाया जा सके।
