📉 नतीजों का सिम्पलेक्स एनालिसिस: स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड में बड़ा अंतर
Simplex Infrastructures Limited के हालिया नतीजे ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के लिए एक दिलचस्प मामला पेश करते हैं। एक तरफ कंपनी ने स्टैंडअलोन (Standalone) तौर पर शानदार ग्रोथ दिखाई है, वहीं दूसरी ओर उसकी क्रेडिट क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्टैंडअलोन परफॉरमेंस में चमक
31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) में, कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Revenue) में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 21.95% की बढ़त देखी गई, जो ₹169.66 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में तो 64.08% का जोरदार उछाल आया और यह ₹3.38 करोड़ पर पहुंच गया। प्रति शेयर आय (EPS) भी 68% बढ़कर ₹1.68 हो गई।
अगर पिछले 9 महीनों (9MFY26) के नतीजों पर नजर डालें, तो स्टैंडअलोन PAT में 103.46% की रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई है और यह ₹253.1 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, इस दौरान रेवेन्यू में मामूली 1.01% की बढ़त के साथ यह ₹494.64 करोड़ रहा। 9MFY26 के लिए स्टैंडअलोन EPS ₹12.65 रहा, जो पिछले साल से 60.33% अधिक है।
कंसोलिडेटेड तस्वीर थोड़ी मिली-जुली
हालांकि, कंपनी की कंसोलिडेटेड (Consolidated) तस्वीर इतनी चमकदार नहीं है। Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.36% बढ़कर ₹32.01 करोड़ हुआ, लेकिन PAT में मामूली 0.28% की गिरावट के साथ यह ₹3.52 करोड़ रहा। कंसोलिडेटेड EPS ₹1.10 दर्ज किया गया। 9MFY26 के लिए कंसोलिडेटेड PAT 43.51% बढ़कर ₹116.1 करोड़ पर पहुंचा, जबकि रेवेन्यू 7.92% बढ़कर ₹247.99 करोड़ रहा।
कर्ज की चिंता और रेटिंग का झटका
अच्छे ऑपरेशनल नतीजों के बावजूद, कंपनी की वित्तीय सेहत पर एक बड़ा सवाल CARE Ratings द्वारा दी गई 'D' रेटिंग के रूप में मंडरा रहा है। यह रेटिंग सीधे तौर पर कर्ज चुकाने में हो रही देरी (Debt Servicing Delays) को दर्शाती है, जिसका मतलब है कि कंपनी डिफॉल्ट (Default) की स्थिति में है या होने वाली है।
हालांकि, कंपनी ने कर्ज कम करने के कुछ प्रयास किए हैं। गैर-असाइन किए गए ऋणदाताओं (Non-assigned lenders) के लिए बकाया कर्ज मार्च 2025 में ₹296.7 करोड़ था, जो दिसंबर 2025 तक घटकर ₹142.18 करोड़ हो गया। स्टैंडअलोन डेट-टू-इक्विटी (Debt-to-Equity) रेश्यो भी दिसंबर 2024 के 39.25 से सुधरकर दिसंबर 2025 में 1.99 पर आ गया। इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेश्यो (ISCR) 9MFY26 के लिए 12.46 का स्वस्थ स्तर पर है।
पर, 'D' रेटिंग ने इन सुधारों पर पानी फेर दिया है। इसके अलावा, एजेंसी ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि शेयर की मौजूदा कीमत वारंट कन्वर्जन प्राइस (Warrant Conversion Price) से नीचे है, जिससे भविष्य में फंड जुटाने में दिक्कत आ सकती है। कंपनी ने ₹423.69 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) से ₹281.59 करोड़ का उपयोग वर्किंग कैपिटल के लिए किया है।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
Simplex Infrastructures के निवेशकों को सबसे बड़ा जोखिम कंपनी की कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर है, जिसे 'D' रेटिंग से बल मिलता है। कर्ज चुकाने में देरी और वारंट कन्वर्जन पर शेयर की कीमत का असर, ये ऐसे अहम पहलू हैं जिन पर नजर रखनी होगी। स्टैंडअलोन परफॉरमेंस का सुधरना सकारात्मक है, लेकिन कंसोलिडेटेड नतीजे भी बेहतर होने चाहिए। कंपनी का NARCL के साथ चल रहा मास्टर रीस्ट्रक्चरिंग एग्रीमेंट (MRA) और लेंडर्स के साथ बातचीत, इन चुनौतियों से निकलने के लिए महत्वपूर्ण होगी। निवेशकों को कर्ज भुगतान की समय-सीमा और रेटिंग एजेंसियों के अगले कदमों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।