Siemens के शेयरों में आज **2.11%** की बढ़त देखी गई और यह **₹3,736.00** पर कारोबार कर रहे हैं। कंपनी ने **2026** के लिए **₹24,845.60 करोड़** का सालाना रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया है। हालांकि, सालाना मुनाफे में सुधार हुआ है, लेकिन मार्च 2026 तिमाही में पिछले साल की तुलना में नेट प्रॉफिट (Net Profit) में गिरावट देखी गई है। कंपनी ने **₹18** प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है।
साल भर की कमाई में जबरदस्त उछाल
Siemens के शेयरों ने शुक्रवार सुबह बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई, 2.11% की तेजी के साथ ₹3,736.00 पर कारोबार कर रहे हैं। यह उछाल कंपनी के सालाना वित्तीय नतीजों के जारी होने के बाद आया है, जिसमें कुल रेवेन्यू में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वित्तीय वर्ष 2026 के अंत तक, Siemens ने ₹24,845.60 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू रिपोर्ट किया है। यह 2025 में रिपोर्ट किए गए ₹17,364.20 करोड़ की तुलना में 43% से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि है। सालाना नेट प्रॉफिट (Net Profit) में भी सुधार हुआ, जो 2026 में ₹2,283.40 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹2,105.90 करोड़ था। प्रति शेयर आय (Earnings Per Share) भी 2025 के ₹59.14 से बढ़कर ₹77.34 हो गई।
तिमाही नतीजों पर एक नजर
हालांकि, साल भर के आंकड़े मजबूत विस्तार दिखाते हैं, मार्च 2026 को समाप्त तिमाही का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। इस तिमाही में कंपनी ने ₹4,617.50 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछली तिमाही के ₹3,830.70 करोड़ से अधिक है। हालांकि, इस अवधि में मुनाफा दबाव में था, नेट प्रॉफिट ₹370.40 करोड़ रहा, जबकि मार्च 2025 की तिमाही में यह ₹582.50 करोड़ दर्ज किया गया था।
वित्तीय सेहत और डिविडेंड
Siemens का बैलेंस शीट (Balance Sheet) मजबूत बना हुआ है। मार्च 2026 तक, कंपनी की कुल संपत्ति और देनदारियां ₹21,300 करोड़ थीं। इसके रिजर्व्स और सरप्लस (Reserves and Surplus) में भी लगातार वृद्धि देखी गई है, जो सितंबर 2022 के ₹11,539 करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 में ₹13,769 करोड़ हो गए हैं।
26 मई 2026 को, बोर्ड ने ₹18 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया, जो 29 जुलाई 2026 को प्रभावी हुआ। यह डिविडेंड 2024 के अंत में ₹12 प्रति शेयर के भुगतान के बाद आया है।
आगे बढ़ते हुए, शेयरधारकों के लिए मुख्य चिंता का विषय यह होगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने रेवेन्यू विस्तार को स्थिर लाभ मार्जिन के साथ कैसे संतुलित करती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी प्रोजेक्ट निष्पादन लागतों का प्रबंधन कैसे करती है और क्या तिमाही लाभ में गिरावट अस्थायी समय की समस्या है या मूल्य निर्धारण दबाव का संकेत है।
