Sical Logistics ने Steel Authority of India Ltd (SAIL) के साथ **₹39.23 करोड़** का एक महत्वपूर्ण माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट के जरिए कंपनी की ऑर्डर बुक तो मजबूत हुई है, लेकिन निवेशकों की नजरें कर्ज और प्रमोटर गिरवी शेयरों पर टिकी हैं।
बड़ा ऑर्डर और प्रोजेक्ट की डिटेल
इस नए एग्रीमेंट के तहत Sical Logistics को Dalli Mechanised Mine के फेज-6 में आयरन ओर की खुदाई और ट्रांसपोर्टेशन का काम करना होगा। यह प्रोजेक्ट 5 अक्टूबर, 2026 से शुरू होकर 18 नवंबर, 2028 तक चलेगा। कंपनी ने साफ किया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट जीएसटी (GST) के दायरे से बाहर है और पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दिया गया है।
रिकवरी की कोशिश
Pristine Group के अधिग्रहण के बाद, कंपनी अपने माइनिंग सर्विसेज पोर्टफोलियो पर खास ध्यान दे रही है। हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने ₹21.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले नुकसान भरे दौर के बाद एक सकारात्मक संकेत है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
ऑर्डर मिलने के बावजूद, कंपनी के सामने कुछ गंभीर चुनौतियां हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता:
- कर्ज का बोझ: कंपनी पर भारी कर्ज है, जो उसकी फाइनेंशियल मजबूती के लिए एक बाधा बना हुआ है।
- प्रमोटर प्लेज: कंपनी की कुल डायल्यूटेड कैपिटल का लगभग 14.92% हिस्सा प्रमोटरों द्वारा गिरवी रखा गया है। इससे स्टॉक में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहती है।
हाल ही में शेयर की चाल पर दबाव दिखा है और 1 अक्टूबर, 2026 को शेयर ₹86.90 पर बंद हुआ, जिसमें करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई। बाजार अब यह देख रहा है कि कंपनी इन ऑर्डर्स को कितनी कुशलता से पूरा करती है और अपने कर्ज को कम करने के लिए क्या कदम उठाती है।
