Shyam Metalics ने महाराष्ट्र सरकार के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया है। कंपनी चंद्रपुर में **9 मिलियन टन** क्षमता वाला स्टील प्लांट लगाएगी, जिस पर **₹50,000 करोड़** का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा।
दो चरणों में होगा विस्तार
कंपनी के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को दो फेज में पूरा किया जाएगा। पहले फेज में 3.75 मिलियन टन की क्षमता तैयार की जाएगी, जबकि दूसरे फेज में 5.25 मिलियन टन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी। कंपनी ने संकेत दिया है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी मंजूरी लेने की प्रक्रिया फाइनेंशियल ईयर 2027 से शुरू हो सकती है।
लोकेशन और रिसोर्स का फायदा
चंद्रपुर का चयन काफी रणनीतिक माना जा रहा है क्योंकि यहां आयरन ओर और कोल रिजर्व तक पहुंच आसान है। इससे कंपनी को लॉजिस्टिक खर्च कम करने में काफी मदद मिलेगी। यह प्लांट एंड-टू-एंड प्रोसेस पर काम करेगा, जिसमें पैलेटाइजेशन और ब्लास्ट फर्नेस ऑपरेशंस शामिल होंगे, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमोटिव सेक्टर को स्टील की सप्लाई की जाएगी।
बैलेंस शीट पर क्या असर?
फाइनेंशियल फ्रंट पर देखें तो कंपनी काफी मजबूत स्थिति में है। मार्च 2026 तक कंपनी का ग्रॉस डेट-टू-इक्विटी रेशियो महज 0.08x था, जो इस तरह के बड़े निवेश को फंड करने के लिए एक अच्छी नींव प्रदान करता है। हालांकि, मौजूदा साइज के हिसाब से ₹50,000 करोड़ का खर्च काफी बड़ा है, जिस पर निवेशकों की नजरें बनी रहेंगी।
रिस्क फैक्टर और सतर्कता
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह एक नॉन-बाइंडिंग एग्रीमेंट है। इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट पूरी तरह से जमीन के अधिग्रहण, सरकारी इंसेंटिव्स और पर्यावरण संबंधी क्लियरेंस पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, स्टील इंडस्ट्री साइक्लिकल होती है, जिससे मुनाफा ग्लोबल डिमांड और रॉ मटीरियल की कीमतों पर भी निर्भर करेगा। फिलहाल, किसी भी बड़े फैसले से पहले कंपनी की आने वाली फाइलिंग्स पर नजर रखना जरूरी होगा।
