Shyam Century Ferrous Share Price: निवेशकों को बड़ा झटका! Q3 में **97%** रेवेन्यू गिरा, **₹613 लाख** का घाटा, एसेट बेचने की मंजूरी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shyam Century Ferrous Share Price: निवेशकों को बड़ा झटका! Q3 में **97%** रेवेन्यू गिरा, **₹613 लाख** का घाटा, एसेट बेचने की मंजूरी
Overview

Shyam Century Ferrous के निवेशकों के लिए यह तिमाही बेहद निराशाजनक रही। कंपनी ने Q3 FY26 में पिछले साल की तुलना में **97.4%** की भारी गिरावट के साथ महज **₹83.69 लाख** का रेवेन्यू दर्ज किया, और **₹613.83 लाख** का बड़ा नेट लॉस उठाया। इस खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह कंपनी के मेघालय प्लांट का बिजली दरों के चलते बंद होना है। अब कंपनी के बोर्ड ने अपनी संपत्तियों को बेचने या लीज पर देने की मंजूरी दे दी है।

📉 वित्तीय नतीजों का गहरा विश्लेषण

Shyam Century Ferrous Limited के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे बताते हैं कि रेवेन्यू में साल-दर-साल (YoY) 97.4% की भारी गिरावट आई है, जो पिछले साल की ₹3,267.07 लाख की तुलना में घटकर केवल ₹83.69 लाख रह गया। इस गिरावट का सीधा असर प्रॉफिट पर पड़ा, और कंपनी को ₹613.83 लाख का भारी नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹79.57 लाख का प्रॉफिट था। प्रति शेयर आय (EPS) भी घटकर ₹(0.29) हो गई, जो पिछले साल ₹0.04 थी।

यह मुश्किल दौर सिर्फ एक तिमाही तक सीमित नहीं है। 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों (9M FY26) में भी कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹9,097.57 लाख से 75.5% गिरकर ₹2,225.78 लाख पर आ गया। इस अवधि में नेट लॉस भी बढ़कर ₹937.05 लाख हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹493.30 लाख था। नाइन मंथ्स के लिए ईपीएस (EPS) ₹(0.44) रहा, जो पिछले साल ₹(0.23) था।

🚀 अहम फैसले और उनका असर

इस खराब वित्तीय प्रदर्शन का एक बड़ा कारण कंपनी के मेघालय स्थित ईपीआईपी, राजाबागान, बायर्निहाट प्लांट का संचालन बंद करना है। कंपनी ने 7 मई, 2025 से वहां काम रोक दिया है। इसका मुख्य कारण बिजली की दरों में भारी बढ़ोतरी है, जिससे वहां उत्पादन जारी रखना आर्थिक रूप से संभव नहीं रह गया था। इस प्लांट के बंद होने से कंपनी की उत्पादन क्षमता और आय के स्रोतों पर गहरा असर पड़ा है।

हालात को देखते हुए, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी की पूरी या अधिकांश संपत्तियों को बेचने, लीज पर देने या किसी अन्य तरीके से निपटाने के लिए सैद्धांतिक (in-principle) मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, इस फैसले को अंतिम रूप देने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी भी लेनी होगी। यह कदम कंपनी के सामने मौजूद गंभीर परिचालन और वित्तीय चुनौतियों का संकेत देता है। रिपोर्टिंग की तारीख तक, इन संपत्तियों को बिक्री के लिए होल्ड (held for sale) के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया था।

🚩 जोखिम और भविष्य का अनुमान

कुल मिलाकर, Shyam Century Ferrous Limited का भविष्य काफी अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। वित्तीय नतीजों में आई भारी गिरावट, एक प्रमुख प्लांट का बंद होना और संपत्तियों की बिक्री पर शेयरधारकों के फैसले का इंतजार, निवेशकों के लिए बड़े जोखिम खड़े करते हैं। कंपनी की आगे की दिशा पूरी तरह से शेयरधारकों द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों पर निर्भर करेगी।

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