Shringar House of Mangalsutra ने मुंबई में अपने प्लांट पर **₹15 करोड़** का निवेश किया है, जिससे सालाना उत्पादन क्षमता **2,500 किलो** से बढ़कर **4,000 किलो** हो गई है। कंपनी अब ब्राइडल ज्वैलरी मार्केट में उतर रही है।
उत्पादन में बड़ा उछाल
Shringar House of Mangalsutra ने कांदिवली, मुंबई में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ उत्पादन का स्तर ऊंचा कर दिया है। ₹15 करोड़ के इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक मंगलसूत्र कारोबार के साथ-साथ अब ब्राइडल ज्वैलरी के बड़े मार्केट में अपनी पकड़ बनाना है।
रिटेल दिग्गजों के साथ पार्टनरशिप
यह कंपनी सीधे ग्राहकों को गहने बेचने के बजाय बड़े रिटेल ब्रांड्स के लिए मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में काम करती है। इनके क्लाइंट्स में Titan Company, Reliance Retail, Kalyan Jewellers और Malabar Gold जैसे दिग्गज शामिल हैं। रिटेल चैन का हिस्सा बनने से कंपनी को एक संगठित और बड़े मैन्युफैक्चरर का फायदा मिल रहा है।
बिजनेस रिस्क और चुनौतियां
गोल्ड की कीमतों में होने वाली उठापटक कंपनी की इन्वेंट्री वैल्यू को सीधे प्रभावित करती है। इसके अलावा, वर्किंग कैपिटल की भारी मांग और बड़े क्लाइंट्स पर निर्भरता कंपनी के लिए जोखिम का सबब हो सकती है। यदि इन बड़े रिटेलर्स की खरीद नीति में बदलाव होता है, तो कंपनी के रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है।
नई डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति
छोटे बाजारों तक पहुँचने के लिए कंपनी अब 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल अपना रही है। पुणे और दिल्ली जैसे कमर्शियल सेंटर्स में नए ऑफिस खोलकर वे टियर-2 और टियर-4 शहरों में अपनी पैठ जमाना चाहते हैं। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या यह बढ़ा हुआ वॉल्यूम कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन में सुधार ला पाएगा या कर्ज का बोझ बढ़ता रहेगा।
