📉 तिमाही में क्यों हुआ नुकसान?
इस तिमाही में हुए नुकसान का सबसे बड़ा कारण कंपनी के फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) में आई भारी बढ़ोतरी है। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹84.47 लाख से बढ़कर 320.59% उछलकर ₹354.81 लाख पर पहुँच गया।
वहीं, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में भी 1.83% की मामूली गिरावट आई है, जो ₹18,333.53 लाख रहा, जबकि पिछले साल यह ₹18,676.38 लाख था। कंपनी के मुख्य सीमेंट बिजनेस सेगमेंट की बात करें तो, इस तिमाही में ₹562.54 लाख का PBIT (Profit Before Interest and Tax) लॉस हुआ है। यह पिछले साल की Q3 में हुए ₹2,774.49 लाख के भारी मुनाफे से बिल्कुल उलट है।
खर्चों में, नए लेबर कोड्स के कारण कर्मचारी लाभ (Employee Benefit) लागत में ₹55.06 लाख की अतिरिक्त देनदारी (Liability) भी शामिल है। नतीजतन, Q3 FY26 के लिए बेसिक ईपीएस (EPS) ₹0.47 के घाटे में रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹0.69 के मुनाफे से काफी नीचे है।
🚩 9 महीनों का मजबूत प्रदर्शन
हालांकि, तिमाही नतीजे भले ही कमजोर रहे हों, लेकिन अप्रैल से दिसंबर 2025 (9 महीने) की अवधि के लिए कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। इस दौरान, Shree Digvijay Cement ने ₹1,703.08 लाख का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹682.65 लाख की तुलना में 149.31% की शानदार बढ़ोतरी है। 9 महीनों में रेवेन्यू भी 6.27% बढ़कर ₹54,062.75 लाख रहा। 9 महीने की अवधि के लिए ईपीएस (EPS) भी सुधरकर ₹1.15 हो गया, जो पिछले साल ₹0.46 था।
आगे चलकर, निवेशकों की नजर कंपनी की बढ़ती फाइनेंस कॉस्ट को काबू में करने की क्षमता और सीमेंट सेगमेंट में प्रॉफिटबिलिटी को वापस पटरी पर लाने की रणनीति पर रहेगी। 9 महीनों का मजबूत प्रदर्शन कंपनी की अंदरूनी ताकत को दर्शाता है, लेकिन Q3 के नतीजों में आई यह बड़ी गिरावट मैनेजमेंट के लिए एक चुनौती है जिस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी।