Shree Cement Q4 Results: रेवेन्यू में उछाल, मुनाफे पर लागत का असर! ब्रोकरेज ने दी 'Buy' रेटिंग, टारगेट ₹29,185

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AuthorAditya Rao|Published at:
Shree Cement Q4 Results: रेवेन्यू में उछाल, मुनाफे पर लागत का असर! ब्रोकरेज ने दी 'Buy' रेटिंग, टारगेट ₹29,185
Overview

Shree Cement ने Q4 FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू **7.7%** बढ़कर **₹5,640 करोड़** हो गया। हालांकि, कच्चे माल और माल ढुलाई (freight) की बढ़ती लागत के कारण कंपनी का EBITDA **9.5%** घटकर **₹1,250 करोड़** पर आ गया।

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Shree Cement ने Q4 FY26 में अपने नतीजों में मिश्रित तस्वीर पेश की है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 7.7% बढ़कर ₹5,640 करोड़ हो गया। यह वृद्धि बिक्री की मात्रा में 9.5% की बढ़ोतरी के कारण हुई, जो लगभग 1.08 करोड़ टन तक पहुंच गई। इस दौरान, प्रति टन कीमतें भी 6% बढ़कर ₹5,240 प्रति टन रहीं।

हालांकि, बढ़ती लागतों ने प्रॉफिट पर भारी असर डाला। कच्चे माल की लागत में 34% का भारी उछाल और माल ढुलाई (freight) के खर्चों में 6.6% की बढ़ोतरी के चलते, कंपनी का EBITDA 9.5% घटकर ₹1,250 करोड़ रह गया। प्रति टन कमाई (Earnings per tonne) भी 16% गिरकर ₹1,179 पर आ गई।

इन चुनौतियों के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म Systematix ने Shree Cement पर अपना भरोसा जताया है। उन्होंने स्टॉक को 'Hold' से 'Buy' रेटिंग में अपग्रेड किया है और ₹29,185 का टारगेट प्राइस दिया है। फर्म का मानना है कि ₹90,000 करोड़ मार्केट कैपिटलाइज़ेशन वाली इस कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन आकर्षक है, खासकर इसकी मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और चल रही कैपेसिटी एक्सपेंशन योजनाओं को देखते हुए। कंपनी का ट्रेलिंग P/E रेश्यो 50-72 के बीच है।

Shree Cement अपनी 61% कुल बिजली की खपत के लिए ग्रीन पावर का उपयोग करके इंडस्ट्री में अलग पहचान बना रही है। यह अन्य प्रमुख सीमेंट कंपनियों जैसे UltraTech Cement, Ambuja Cements, और ACC (जिनका ग्रीन पावर शेयर 31.3% से 42.1% रहा) से काफी ज्यादा है। वेस्ट हीट रिकवरी, सोलर और विंड पावर जैसे रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स में कंपनी का निवेश, पारंपरिक ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण बचाव प्रदान करता है।

पूरे भारतीय सीमेंट इंडस्ट्री को इनपुट लागतों में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है, जिसका मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव हैं। पेटकोक, कोयला और फ्रेट रेट्स की ऊंची कीमतों से FY27 के दौरान प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सेक्टर के लिए ऑपरेटिंग प्रॉफिट प्रति टन 6-11% तक गिर सकता है। कंपनियां कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन ओवरकैपेसिटी और प्रतिस्पर्धा के कारण लागतों को पूरी तरह से ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो सकता है; कीमतों में बढ़ोतरी 1-4% रहने की उम्मीद है।

इन मार्जिन चुनौतियों के बावजूद, सीमेंट की मांग मजबूत बनी हुई है, FY27 के लिए 7-8% वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान है, जो मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से समर्थित है। हालांकि, हाउसिंग सेक्टर में नरमी देखी जा रही है।

Shree Cement और इंडस्ट्री के लिए मुख्य जोखिम इनपुट लागतों की अस्थिरता है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से प्रोडक्शन कॉस्ट प्रति टन ₹150 से ₹200 तक बढ़ सकती है। यदि कंपनियां लागतों को कीमतों के जरिए वसूल नहीं कर पाती हैं, तो EBITDA मार्जिन और सिकुड़ सकते हैं।

अन्य एनालिस्ट्स का नजरिया अधिक तटस्थ है। 40 एनालिस्ट्स की आम 'Neutral' रेटिंग के साथ, 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट लगभग ₹27,727.85 है, जो सीमित आगे की वृद्धि का संकेत देता है। Nomura ने हाल ही में अपना प्राइस टारगेट ₹34,000 से घटाकर ₹28,000 कर दिया है, लेकिन 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है।

Shree Cement का लक्ष्य 2030 तक 80 MTPA कैपेसिटी तक पहुंचना है, जो उसके मजबूत ग्रीन एनर्जी उपयोग द्वारा समर्थित है। यह भविष्य में ग्रोथ का आधार है, लेकिन अल्पावधि में बढ़ती इनपुट लागतों को बाजार की मांग का लाभ उठाने के साथ संतुलित करना प्रमुख फोकस रहेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.