नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
मार्च तिमाही में Shree Cement का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹555.98 करोड़ की तुलना में 4.31% गिरकर ₹531.99 करोड़ पर आ गया। इसके विपरीत, कंपनी का रेवेन्यू 7.68% बढ़कर ₹5,642.95 करोड़ दर्ज किया गया। इस गिरावट का मुख्य कारण कुल खर्चों में 9.41% की बढ़ोतरी है, जो ₹5,085.08 करोड़ तक पहुंच गया।
सेल्स में तेजी, कैपेसिटी का विस्तार जारी
बावजूद इसके, कंपनी ने सेल्स वॉल्यूम में 11% की मजबूत बढ़ोतरी हासिल की और 10.56 मिलियन टन सीमेंट बेचा। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो, Shree Cement का मुनाफा 42.63% बढ़कर ₹1,706.25 करोड़ रहा, जबकि कुल इनकम 7% बढ़कर ₹19,907.35 करोड़ हो गई। कंपनी ने कर्नाटक के कोडला में 3.65 MTPA क्लिंकर और 3.50 MTPA सीमेंट की नई कैपेसिटी शुरू की है, जिससे इसकी कुल स्थापित कैपेसिटी अब 69.3 MTPA हो गई है।
लागत का दबाव और ब्रोकरेज की राय
मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज अखौरी ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे माल और ऊर्जा की लागत बढ़ी है। कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी और डिजिटल प्रोसेस के जरिए लागत को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। इन लागत दबावों का असर पूरे सीमेंट सेक्टर पर देखा गया, जहां ACC Ltd का प्रॉफिट 68% गिरा।
Shree Cement का EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 25.8% से घटकर 22.6% पर आ गया। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इनपुट लागतों में बढ़ोतरी जारी रहने से भविष्य में प्रॉफिट पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, एनालिस्ट्स ने शेयर के लिए 'होल्ड' की सलाह दी है और टारगेट प्राइस ₹27,727 से ₹29,019 के बीच रखा है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 11.60% की बढ़ोतरी का संकेत देता है।
डिविडेंड का ऐलान
कंपनी ने शेयरधारकों के लिए ₹70 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके साथ ही, FY26 के लिए कुल डिविडेंड ₹150 प्रति शेयर हो गया है, जो पिछले साल से 36% ज्यादा है।
