📈 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Q3 FY26 के लिए Shivalik Bimetal Controls ने दमदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 8.88% बढ़कर ₹13,423.13 लाख हो गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 25.07% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹3,043.70 लाख पर पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) 21.58% बढ़कर ₹2,217.68 लाख दर्ज किया गया। वहीं, बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में 22.39% की तेजी के साथ ₹3.88 का स्तर हासिल किया।
स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर भी कंपनी ने अच्छी ग्रोथ दिखाई है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 3.68% बढ़कर ₹11,012.83 लाख रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 10.34% की बढ़त के साथ ₹1,933.72 लाख तक पहुंच गया। स्टैंडअलोन ईपीएस 11.18% बढ़कर ₹3.38 रहा। नए लेबर कोड्स के कारण कंपनी ने कंसोलिडेटेड आधार पर ₹75.17 लाख और स्टैंडअलोन आधार पर ₹79.06 लाख का एक्सेप्शनल आइटम (Exceptional Item) भी दर्ज किया है।
📊 प्रॉफिटेबिलिटी में हुआ सुधार
कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्टैंडअलोन PBT मार्जिन पिछले साल की Q3 FY25 के 22.07% से बढ़कर इस तिमाही में 23.39% हो गया। इसी तरह, कंसोलिडेटेड PBT मार्जिन में भी 19.74% से बढ़कर 22.67% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को दर्शाता है।
🚀 पुणे में बड़ा निवेश और ई-मोबिलिटी पर फोकस
अपने भविष्य को मजबूत करने के लिए, Shivalik Bimetal Controls ने पुणे, महाराष्ट्र में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी (Manufacturing Facility) लगाने का बड़ा फैसला किया है। यह प्लांट खासतौर पर ऑटोमोटिव बसबार्स (Automotive Busbars) और कनेक्टर्स (Connectors) के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस कदम का मुख्य मकसद ई-मोबिलिटी (E-mobility) और एनर्जी स्टोरेज (Energy Storage) जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर्स का फायदा उठाना है। इस नई यूनिट के लिए कंपनी ₹20 करोड़ (यानी ₹200 मिलियन) का निवेश करेगी, जिसका फंड कंपनी अपने इंटरनल एक्रुअल्स (Internal Accruals) से जुटाएगी। इस प्लांट से प्रोडक्ट लॉन्च की उम्मीद अप्रैल 2026 तक है, जबकि क्षमता विस्तार Q1 FY2026-27 से शुरू होगा।
💰 डिविडेंड का ऐलान और सब्सिडियरी को गारंटी
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने शेयरधारकों को खुश करते हुए 100% का इंटेरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने की मंजूरी दे दी है, जिसका मतलब है प्रति इक्विटी शेयर ₹2 का डिविडेंड मिलेगा।
हालांकि, एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि कंपनी ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी (Subsidiary) Shivalik Engineered Products Private Limited के लिए ₹7 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी (Corporate Guarantee) दी है। यह गारंटी सब्सिडियरी को क्रेडिट फैसिलिटीज (Credit Facilities) दिलाने के लिए दी गई है। यह गारंटी एक कंटीजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) के तौर पर वर्गीकृत की गई है, जिस पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए, क्योंकि सब्सिडियरी के डिफॉल्ट (Default) करने की स्थिति में यह कंपनी की सीधी जिम्मेदारी बन सकती है।
🔮 आगे की राह
ई-मोबिलिटी जैसे उभरते सेगमेंट्स में कंपनी का रणनीतिक विस्तार, मजबूत तिमाही नतीजे और डिविडेंड के रूप में शेयरधारकों को रिटर्न देना, इसे भविष्य की ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में रखता है। निवेशक पुणे विस्तार के सफल क्रियान्वयन और उसके राजस्व व मुनाफे में योगदान पर बारीकी से नज़र रखेंगे। साथ ही, सब्सिडियरी की वित्तीय स्थिति और कॉर्पोरेट गारंटी के संभावित प्रभावों पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।