मुनाफे में तेजी, पर मार्जिन में गिरावट?
Sharda Motor Industries ने Q3 FY26 के अपने अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं, जिनमें कंपनी की कमाई (Revenue) में तो जबरदस्त तेजी आई है, लेकिन मुनाफे (Profit) पर मार्जिन के दबाव के चलते उतनी बढ़ोतरी नहीं दिख रही है।
मुख्य आंकड़े (The Numbers):
- Q3 FY26 के लिए स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 28.49% बढ़कर ₹881.55 करोड़ (₹88,155.02 लाख) हो गया। वहीं, नौ महीने (9M FY26) के लिए रेवेन्यू 16.21% बढ़कर ₹2,425.01 करोड़ (₹2,42,500.75 लाख) रहा।
- स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) की बात करें तो Q3 FY26 में इसमें 7.24% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹80.13 करोड़ (₹8,013.01 लाख) पर पहुंचा, जो पिछले साल ₹74.72 करोड़ (₹7,472.02 लाख) था। नौ महीने (9M FY26) के लिए PAT 10.72% बढ़कर ₹254.63 करोड़ (₹25,462.54 लाख) रहा।
- कंपनी के प्रति शेयर आय (EPS) में भी बढ़ोतरी देखी गई, जो Q3 FY26 में ₹13.96 रही।
मार्जिन पर दबाव की कहानी:
रेवेन्यू ग्रोथ के मुकाबले प्रॉफिट मार्जिन में आई गिरावट चिंता का विषय है। Q3 FY26 में स्टैंडअलोन PAT मार्जिन घटकर 9.09% रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 10.83% था। नौ महीने (9M FY26) के लिए भी मार्जिन 10.50% रहा, जो 9M FY25 में 10.99% था।
एक्सेप्शनल आइटम्स का असर:
नतीजों में एक और खास बात थी एक्सेप्शनल आइटम्स का असर। Q3 FY26 में कंपनी ने नए लेबर कोड्स के चलते कर्मचारी लाभ के लिए ₹446.13 लाख का नेट प्रोविजन किया। इसके विपरीत, Q3 FY25 में कंपनी ने प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट की बिक्री से ₹1,794.79 लाख का एक बड़ा गेन दर्ज किया था। इस एकमुश्त गेन के बिना, पिछले साल का PAT ग्रोथ आंकड़ा कहीं बेहतर दिखता।
नए प्लांट को मंजूरी:
कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ को देखते हुए हरिद्वार में ₹20 करोड़ के एक नए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मंजूरी दी है। इस प्लांट से जुलाई 2026 तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है।
आगे क्या?
निवेशक अब इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी बढ़ती लागतों को ग्राहकों पर कितना पास कर पाती है और मार्जिन को कैसे बेहतर करती है। नए लेबर कोड्स का परिचालन लागत पर असर और नए प्लांट का सफल एग्जीक्यूशन कंपनी की आगे की राह तय करेगा। इनकम टैक्स अपीलों में कुछ राहत मिली है, जो एक सकारात्मक संकेत है।