1 अरब डॉलर का बॉन्ड, 14% से ज्यादा यील्ड: Shapoorji Pallonji का बड़ा दांव
Shapoorji Pallonji Group अपने यूनिट Goswami Infratech Pvt. के कर्ज को चुकाने के लिए 1 अरब डॉलर का हाई-यील्ड डॉलर बॉन्ड जारी करने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बॉन्ड पर निवेशकों को कम से कम 14% की यील्ड (Yield) ऑफर की जा रही है। Goswami Infratech ने हाल ही में अपने 30 जून तक के कर्ज को चुकाने की मोहलत हासिल की थी। यह कदम, मौजूदा कर्ज के पुनर्भुगतान (repayment) की अवधि बढ़ाने के तुरंत बाद नई फंडिंग हासिल करने की कोशिश, कंपनी पर चल रहे फाइनेंशियल प्रेशर को दिखाता है। Global Investors, जिनमें BlackRock और JPMorgan जैसे बड़े नाम शामिल हैं, इस डील में डिस्कशन में बताए जा रहे हैं।
निवेशक क्यों आकर्षित हो रहे हैं? Tata Sons का स्टेक और हाई यील्ड
बाजार में फिलहाल कम यील्ड (yield) के माहौल को देखते हुए, Shapoorji Pallonji के बॉन्ड निवेशकों को 14% से ऊपर की आकर्षक यील्ड दे रहे हैं। निवेशक इन बॉन्ड्स में इसलिए भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि Shapoorji Pallonji Group के पास Tata Sons में 18.4% की हिस्सेदारी है। इस स्टेक की वैल्यू लगभग 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, इस हिस्सेदारी की लिक्विडिटी (liquidity) यानी तुरंत कैश में बदलने की क्षमता कम है, क्योंकि इस पर सख्त ट्रांसफर नियम लागू होते हैं।
चुनौतियां और जोखिम: रेटिंग, कर्ज का बोझ और कोवेनेंट्स
भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर सरकारी खर्च और नीतियों के चलते तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन Shapoorji Pallonji Group की कुछ यूनिट्स को सीधे तौर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Goswami Infratech के पास CARE से 'BBB-' का क्रेडिट रेटिंग है, और इसे 'Negative' आउटलुक दिया गया है। यह रेटिंग रीफाइनेंसिंग के जोखिमों और कम ऑपरेटिंग कैश फ्लो के कारण है, जो कि ICRA की ओर से पहले दिए गए 'AA+(SO)' रेटिंग से एक बड़ी गिरावट है। Shapoorji Pallonji Group का डेट कोवेनेंट्स (debt covenants) का उल्लंघन करने का इतिहास रहा है, जिसके कारण उन्हें उधार लेने की ऊंची लागत और रेटिंग एजेंसियों की कड़ी निगरानी का सामना करना पड़ता है। Goswami Infratech एक होल्डिंग कंपनी के तौर पर अपने पैरेंट पर कर्ज चुकाने के लिए काफी हद तक निर्भर है। ग्रुप का कुल कर्ज लगभग 60,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। हाल ही में ग्रुप की गुजरात यूनिट से जुड़े कथित रिश्वतखोरी मामले में CBI की जांच ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रीफाइनेंसिंग का आउटलुक
यह 1 अरब डॉलर का बॉन्ड सेल Shapoorji Pallonji Group की तत्काल लिक्विडिटी (liquidity) और रीफाइनेंसिंग स्ट्रेटेजी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्लोबल ब्याज दरें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित नीतिगत बदलाव, उधारी लागत और उभरते बाजारों में कैपिटल फ्लो को प्रभावित करेंगे। 2026 में ब्याज दरों में धीरे-धीरे कटौती की उम्मीदें कुछ राहत दे सकती हैं। ग्रुप को डेट कोवेनेंट्स को मैनेज करने, Tata Sons स्टेक का फायदा उठाने और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेटिंग कैश फ्लो में सुधार करने की जरूरत है।
