Shankara Buildpro Share: लिस्टिंग के बाद तूफानी तेजी! रेवेन्यू में 29% का उछाल, कंपनी ने पेश किए दमदार नतीजे

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Shankara Buildpro Share: लिस्टिंग के बाद तूफानी तेजी! रेवेन्यू में 29% का उछाल, कंपनी ने पेश किए दमदार नतीजे
Overview

Shankara Buildpro ने हालिया लिस्टिंग के बाद अपने पहली तिमाही के नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले **29%** बढ़कर **₹1666 करोड़** पर पहुंच गया है। यह जबरदस्त उछाल मुख्य रूप से कंपनी के स्टील सेगमेंट (Steel Segment) में आई **34%** की शानदार ग्रोथ के कारण संभव हुआ है, हालांकि नॉन-स्टील सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

कंपनी के नतीजे: क्या रहा खास?

हाल ही में डी-मर्जर के बाद BSE और NSE पर लिस्ट हुई Shankara Buildpro Limited ने फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) की तीसरी तिमाही (Q3) और पहले नौ महीनों (9M) के लिए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा की है।

  • रेवेन्यू ग्रोथ: Q3 FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू साल-दर-साल 29% बढ़कर ₹1666 करोड़ रहा। इसमें सबसे बड़ा योगदान स्टील सेगमेंट का रहा, जिसका रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹1520 करोड़ पर पहुंच गया। स्टील वॉल्यूम में भी 37% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो 2.61 लाख टन तक पहुंच गया।

  • नॉन-स्टील सेगमेंट में गिरावट: दूसरी ओर, होम इम्प्रूवमेंट और कंस्ट्रक्शन से जुड़े नॉन-स्टील सेगमेंट में रेवेन्यू 5% घटकर ₹146 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, बाजार की चुनौतियों के कारण इस सेगमेंट में यह गिरावट आई है।

नौ महीनों का प्रदर्शन और मार्जिन

फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) के पहले नौ महीनों (9M) के दौरान, Shankara Buildpro ने कुल रेवेन्यू में 30% की वृद्धि दर्ज की, जो ₹4829 करोड़ रहा। इस अवधि में स्टील वॉल्यूम 38% बढ़कर 7.27 लाख टन रहा, जबकि स्टील रेवेन्यू 34% बढ़ा।

कंपनी की कमाई की बात करें तो, 9M FY26 में EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) ₹158 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹124 करोड़ से काफी बेहतर है। इससे EBITDA मार्जिन सुधरकर 3.28% हो गया, जो पहले 2.8% था। वहीं, 9M FY26 में नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 77% बढ़कर ₹86.5 करोड़ हो गया।

तिमाही नतीजों पर असाधारण खर्चों का असर

हालांकि, Q3 FY26 में PAT पिछली तिमाही (Q2 FY26) के ₹29 करोड़ से घटकर ₹25 करोड़ रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजह कुछ एकमुश्त 'असाधारण खर्चे' (exceptional items) रहे, जिनमें डी-मर्जर की लागत (₹1.5 करोड़), नए लेबर कोड के कारण ग्रेच्युटी प्रोविजन (₹2.61 करोड़), और पिछले साल के टैक्स एडजस्टमेंट (₹2.8 करोड़) शामिल थे। कुल मिलाकर, इस तिमाही में ₹6.91 करोड़ के असाधारण खर्चे हुए।

भविष्य की योजनाएं और आउटलुक

इन एकमुश्त खर्चों के बावजूद, कंपनी ने नौ महीनों में मार्जिन में सुधार दिखाया है। मैनेजमेंट का मानना है कि नॉन-स्टील सेगमेंट में सुधार अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) से देखने को मिलेगा।

Shankara Buildpro फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) को मजबूत नोट पर खत्म करने को लेकर आशान्वित है और अकेले स्टील वॉल्यूम के लिए 10 लाख टन का लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद कर रही है।

  • अगले फाइनेंशियल ईयर: कंपनी का लक्ष्य अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए वॉल्यूम ग्रोथ में लगभग 20% हासिल करना है।

  • दीर्घकालिक लक्ष्य: कंपनी की 2030 तक ₹10,000 करोड़ का टॉप लाइन रेवेन्यू हासिल करने की महत्वाकांक्षी योजना है। FY27 के बाद मार्जिन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की रणनीति है।

  • EBITDA मार्जिन: कंपनी का लक्ष्य अगले दो सालों में EBITDA मार्जिन को मौजूदा 3-3.5% रेंज से बढ़ाकर 4% तक ले जाना है।

  • स्टोर विस्तार: FY27 में 3-4 हाइब्रिड स्टोर जोड़ने की योजना है, जिसमें प्रति स्टोर लगभग ₹3 करोड़ का CAPEX (इन्वेंटरी सहित) लगेगा।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.