Schneider Electric Infra के Q1 नतीजों में भारी गिरावट, ₹12.44 करोड़ रहा मुनाफा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Schneider Electric Infra के Q1 नतीजों में भारी गिरावट, ₹12.44 करोड़ रहा मुनाफा

Schneider Electric Infrastructure (SEIL) के पहली तिमाही के नतीजों में मुनाफा **70%** घटकर **₹12.44 करोड़** रह गया। कंपनी की लागतें बढ़ीं और पुराने प्रोजेक्ट्स का दबाव रहा। हालांकि, कंपनी ने रिकॉर्ड **₹915 करोड़** के नए ऑर्डर हासिल किए, जो डेटा सेंटर जैसे सेक्टर्स से मजबूत मांग का संकेत दे रहा है।

मार्जिन पर दबाव और लागतों का बढ़ता बोझ

Schneider Electric Infrastructure Limited (SEIL) ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में चुनौतीपूर्ण नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 70% घटकर ₹12.44 करोड़ पर आ गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹41.24 करोड़ था।

मुनाफे में इस तेज गिरावट की मुख्य वजहें थीं - कच्चे माल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव और पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स की संरचना। कंपनी को उन प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो रहा था, जिनकी बोली पहले लगाई गई थी। जैसे-जैसे कच्चे माल की कीमतें बढ़ीं, कंपनी को इन लागतों को खुद वहन करना पड़ा, जिससे उसके ऑपरेटिंग मार्जिन पर सीधा असर पड़ा।

यह असर कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉरमेंस में साफ दिखा। ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) 51% घटकर ₹34.05 करोड़ रह गई। इससे EBITDA मार्जिन पिछले साल की पहली तिमाही के 11.15% से घटकर 5.23% पर आ गया। कंपनी ने राजस्व में 4.8% की मामूली बढ़त के साथ ₹651.36 करोड़ का आंकड़ा छुआ, लेकिन उत्पादन लागत में वृद्धि ने इन लाभों को खत्म कर दिया।

रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और सेक्टर की मांग

मार्जिन की तात्कालिक चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने इस तिमाही में ₹915 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। नए बिजनेस में आई यह तेजी कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस की मजबूत मांग को दर्शाती है। मैनेजमेंट ने बताया कि डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते हुए सेक्टर्स में बढ़ी हुई गतिविधियों ने ऑर्डर इनफ्लो को सहारा दिया है।

इस रिकॉर्ड ऑर्डर से कंपनी का कुल ऑर्डर बैकलॉग 30 जून, 2026 तक बढ़कर ₹2,169 करोड़ हो गया है। यह बैकलॉग आने वाली तिमाहियों में कंपनी के काम का एक पाइपलाइन है। चूंकि इन नए ऑर्डरों में संभवतः संशोधित मूल्य निर्धारण शामिल हैं, इसलिए वे पिछले प्रोजेक्ट्स की तुलना में बेहतर मार्जिन सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं, जिन्होंने इस तिमाही के नतीजों पर दबाव डाला था।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

निवेशकों के लिए आगे की राह यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी कम मार्जिन वाले पुराने प्रोजेक्ट्स से नए, उच्च-मूल्य वाले ऑर्डर बुक की ओर कैसे बढ़ती है। जैसे-जैसे कंपनी पुराने, अधिक लागत वाले अनुबंधों को पूरा करती है, बाजार आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार के संकेतों की तलाश करेगा।

ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि कंपनी को लागत में और वृद्धि को रोकने के लिए सप्लाई चेन की दक्षता का प्रबंधन करना होगा। ₹2,169 करोड़ के ऑर्डर बैकलॉग से राजस्व रूपांतरण की गति और उच्च-विकास वाले सेक्टर्स में ऑर्डर इनफ्लो की गति बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखना आने वाली तिमाहियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.