भारत बनेगा एनर्जी और ऑटोमेशन का ग्लोबल सेंटर
Schneider Electric के इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट मनीष पंत (Manish Pant) ने बताया कि भारत कंपनी का तीसरा सबसे बड़ा बाजार और सबसे बड़ा एम्प्लॉयर (Employer) है, जहाँ 38,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं। कंपनी भारत की तेजी से बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) जैसे सोलर, विंड और हाइड्रो की ओर बढ़ती मांग, इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicles), इंडस्ट्रियल यूज और अर्बनाइजेशन (Urbanization) को अपनी ग्लोबल ग्रोथ का एक अहम इंजन मान रही है।
इनोवेशन हब और नई टेक्नोलॉजीज पर फोकस
हाल ही में दिल्ली में हुए कंपनी के सबसे बड़े इनोवेशन समिट (Innovation Summit) में 5,000 से ज्यादा ग्राहक और पार्टनर्स शामिल हुए, जिनमें 50 से ज्यादा CEO भी थे। इस समिट में AI, विद्युतीकरण और डिजिटलाइजेशन को मिलाकर बनाई गई 30 से ज्यादा नई टेक सॉल्यूशन्स (Tech Solutions) का प्रदर्शन किया गया।
अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, कंपनी ने 60,000 स्क्वायर-फीट का एक बड़ा इनोवेशन हब भी खोला है। यह हब पावर डिस्ट्रीब्यूशन, ऑटोमेशन, एनर्जी स्टोरेज और AI ग्रिड मैनेजमेंट को एक ही सिस्टम में इंटीग्रेट (Integrate) करेगा, जिससे एनर्जी इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।
NVIDIA के साथ पार्टनरशिप और 'मेक इन इंडिया' पर जोर
कंपनी टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में लीड करने के लिए नई पार्टनरशिप्स (Partnerships) भी कर रही है। NVIDIA के साथ हुई हालिया डील का लक्ष्य AI-रेडी डेटा सेंटर्स (Data Centers) बनाना है। Schneider Electric का 'मेक इन इंडिया फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड' (Make in India for India and the world) के जरिए ग्राहकों को डिजिटल, डीकार्बोनाइज्ड (Decarbonized) और फ्यूचर-रेडी ऑपरेशन्स बनाने में मदद करना है।
'डेटा क्यूब' - एनर्जी और इंडस्ट्रियल सिस्टम का पावरहाउस
कंपनी ने 'डेटा क्यूब' (Data Cube) नाम से एक खास टेक सॉल्यूशन भी पेश किया है, जिसे पहला ग्लोबल एनर्जी और इंडस्ट्रियल फाउंडेशनल मॉडल (Foundational Model) कहा जा रहा है। यह टेक, बिजनेस, ऑपरेशनल और फील्ड डेटा को डिजिटल ट्विन (Digital Twin) फीचर्स के साथ जोड़कर एनर्जी और इंडस्ट्रियल सिस्टम्स के लिए लाइव, प्रेडिक्टिव (Predictive) और प्रिसक्रिप्टिव (Prescriptive) इनसाइट्स (Insights) प्रदान करेगा।
