Schaeffler India FY25 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Profit में **22%** का तूफानी उछाल, **₹35** डिविडेंड का ऐलान

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Schaeffler India FY25 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Profit में **22%** का तूफानी उछाल, **₹35** डिविडेंड का ऐलान
Overview

Schaeffler India ने FY25 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का नेट Profit **22.4%** बढ़कर **₹1,196.20 करोड़** हो गया है। वहीं, रेवेन्यू में भी **16.3%** का शानदार इजाफा हुआ है। इन नतीजों के साथ कंपनी ने **₹35** प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है, जो शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है।

कंपनी के नतीजे क्यों हैं खास?

ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी Schaeffler India ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 16.3% बढ़कर ₹9,395.30 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, पूरे साल का नेट Profit 22.4% की जोरदार छलांग लगाते हुए ₹1,196.20 करोड़ दर्ज किया गया।

आखिरी तिमाही यानी Q4 FY25 में भी ग्रोथ की रफ्तार कायम रही। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 26.9% बढ़कर ₹2,643.10 करोड़ रहा, जबकि नेट Profit ₹328 करोड़ दर्ज किया गया।

डिविडेंड का ऐलान और शेयरधारकों को फायदा

इन बेहतरीन नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ने ₹35 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। यह पिछले साल के मुकाबले बढ़ा हुआ डिविडेंड है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विकास के पीछे की कहानी

कंपनी की इस ग्रोथ के पीछे ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में जबरदस्त डिमांड का फायदा उठाना, लोकलाइजेशन (Localization) पर कंपनी का फोकस और कैपिटल एफिशिएंसी (Capital Efficiency) मुख्य वजहें रहीं। Schaeffler India ने पिछले तीन सालों (2022-2024) में अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए ₹1,700 करोड़ का भारी निवेश किया है, जिसमें पावरट्रेन, ई-मोबिलिटी (e-mobility) और इंडस्ट्रियल बियरिंग्स शामिल हैं।

भविष्य को देखते हुए, कंपनी 2030 तक ₹4,500 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान कर रही है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग को और बेहतर बनाने और नए ग्रोथ एरिया जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) पर जोर दिया जाएगा।

किन बातों पर रखें नजर?


  • शेयरधारकों को ₹35 प्रति शेयर डिविडेंड पर AGM (Annual General Meeting) में मंजूरी का इंतजार रहेगा।

  • ई-मोबिलिटी और नई टेक्नोलॉजी में कंपनी के निवेश का असर भविष्य में कैसा दिखता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

  • नए लेबर कोड का PBT मार्जिन पर मामूली असर (-0.8% Q4 में) देखा गया है, जिस पर कंपनी कैसे काबू पाती है, यह ट्रैक करना होगा।

  • ₹3.6 करोड़ के GST पेनल्टी ऑर्डर के खिलाफ कंपनी की अपील पर क्या होता है, इस पर भी नजर रहेगी।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.
%%RELATED_NEWS_LAST_NEWS_HTML%%