HDFC Securities की 'बाय' रेटिंग का असर
HDFC Securities ने Sarda Energy & Minerals पर कवरेज की शुरुआत 'बाय' रेटिंग के साथ की है, जिससे सोमवार को शेयर की कीमत में 5% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। यह उछाल बाजार की गिरावट के बावजूद आई, जो मिड-कैप शेयरों पर एनालिस्ट की सिफारिशों के प्रभाव को दर्शाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का डाइवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल और सुधरा हुआ ऑपरेशनल परफॉरमेंस इसे आगे ले जाएगा।
HDFC Securities का टारगेट प्राइस क्या है?
ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EV/EBITDA मल्टीपल के आधार पर ₹610 (बेस केस) और ₹664 (बेयर केस) का टारगेट प्राइस सेट किया है। HDFC Securities का अनुमान है कि FY25-28 के दौरान वॉल्यूम में बढ़ोतरी और स्टेबल प्राइसिंग के कारण रेवेन्यू में 11% सालाना की वृद्धि होगी। कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स से एफिशिएंसी के चलते EBITDA में 20% सालाना की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। डीरेवरेजिंग, टैक्स एफिशिएंसी और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स से प्रॉफिट में 28% सालाना की तेज बढ़ोतरी की उम्मीद है। 10 अप्रैल, 2026 को स्टॉक लगभग ₹554.60 पर ट्रेड कर रहा था, और इस साल अब तक यह 14% से ज्यादा बढ़ चुका है।
वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं बरकरार
HDFC Securities के बुलिश रुख के बावजूद, Sarda Energy & Minerals का मौजूदा वैल्यूएशन चिंता का विषय है। इसका P/E रेश्यो लगभग 17.28 से 19.6 गुना है, जो इसके 10 साल के हिस्टॉरिकल मीडियन P/E (6.84 से 10.65 गुना) से काफी ज्यादा है। हालांकि, यह JSW Steel (77.35x) और Tata Steel (68.31x) जैसे बड़े पीयर्स से कम है, लेकिन Prakash Industries (7.4x) और Maharashtra Seamless (9.1x) से ज्यादा है। कुछ एनालिस्ट इसे 'मामूली तौर पर ओवरवैल्यूड' मानते हैं क्योंकि इसका P/E हिस्टॉरिकल मीडियन और GF वैल्यू से ऊपर है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 13.4% - 16.43% के बीच है और डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.23 है।
स्टील सेक्टर का आउटलुक और Sarda की पोजीशन
भारतीय स्टील इंडस्ट्री, जो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का अहम हिस्सा है, का भविष्य मिला-जुला दिख रहा है। घरेलू मांग मजबूत है, लेकिन स्टील प्राइस में स्थिरता की उम्मीद है। रॉ मटेरियल की बढ़ती लागत, खासकर कोकिंग कोल, और ग्लोबल प्राइस फ्लक्चुएशन प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहे हैं। Sarda Energy का वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल, जिसमें माइनिंग से पावर जेनरेशन तक शामिल है, इनपुट कॉस्ट वोलेटिलिटी से कुछ हद तक बचाव करता है।
प्रमुख जोखिम और अधिग्रहण का प्रभाव
इंडस्ट्री की साइक्लिकैलिटी, वोलेटाइल रॉ मटेरियल प्राइस और बढ़ती ग्लोबल प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी के 28% प्रॉफिट ग्रोथ के लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। Sarda Energy ने अगस्त 2024 में ₹1,950 करोड़ में SKS Power Generation का अधिग्रहण किया था। इस अतिरिक्त डेट के कारण कंपनी का लिवरेज बढ़ा है, और भविष्य का परफॉरमेंस SKS Power के सफल इंटीग्रेशन पर निर्भर करेगा, जिसका FY24 में प्लांट लोड फैक्टर 56% था।
आगे का रास्ता
HDFC Securities के एनालिस्ट्स Sarda Energy के लिए ₹610 से ₹664 तक के बड़े अपसाइड की उम्मीद कर रहे हैं। सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से स्टील सेक्टर में ग्रोथ जारी रहने की संभावना है। हालांकि, कंपनी की तेज प्रॉफिट ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी इनपुट कॉस्ट वोलेटिलिटी को मैनेज करने, कमोडिटी प्राइस को नेविगेट करने और अपने इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल स्ट्रक्चर का पूरा फायदा उठाने की क्षमता पर निर्भर करेगी।