Sanghvi Movers: कमाई बढ़ी, पर मुनाफे में गिरावट! Q3 के नतीजे क्या कहते हैं?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Sanghvi Movers: कमाई बढ़ी, पर मुनाफे में गिरावट! Q3 के नतीजे क्या कहते हैं?
Overview

Sanghvi Movers ने 9 महीनों (9M FY26) में रेवेन्यू में **39.7%** की जोरदार ग्रोथ दर्ज की, लेकिन तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) **12.4%** घटकर **₹29 करोड़** रह गया। मार्जिन में आई कमी और बढ़े हुए खर्चों ने प्रॉफिट पर दबाव डाला है।

📈 कमाई तो बढ़ी, पर प्रॉफिट क्यों घटा?

Sanghvi Movers Limited के हालिया नतीजे मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। जहां एक ओर कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले 9 महीनों (9M FY26) में अपने रेवेन्यू को पिछले साल के मुकाबले 39.7% बढ़ाकर ₹719 करोड़ तक पहुंचा दिया, वहीं तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी के नेट प्रॉफिट में 12.4% की गिरावट आई है। Q3 FY26 में प्रॉफिट घटकर ₹29 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹33 करोड़ था।

📊 विस्तार (Expansion) का असर और मार्जिन पर दबाव

कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि यह गिरावट मार्जिन में आई कमी और बढ़े हुए खर्चों का नतीजा है। Q3 FY26 में कुल खर्च 14.4% बढ़कर ₹151 करोड़ हो गया, जिससे EBITDA मार्जिन भी मामूली घटकर 38.6% पर आ गया। इसी तरह, 9 महीनों के नतीजों में कुल इनकम 34.8% बढ़कर ₹740 करोड़ हुई, लेकिन खर्चों में 55.7% की बड़ी उछाल के कारण EBITDA मार्जिन 50.1% से घटकर 39.8% रह गया। हालांकि, 9 महीनों में प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 11.3% बढ़कर ₹158 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 12.5% बढ़कर ₹116 करोड़ रहा, लेकिन मार्जिन में आई कमी चिंता का विषय है।

🏗️ बड़े निवेश और ग्लोबल प्लान

Sanghvi Movers ने फाइनेंशियल ईयर 25-26 के लिए ₹629 करोड़ का भारी-भरकम कैपएक्स (CAPEX) प्लान किया है। इस फंड का बड़ा हिस्सा भारत के साथ-साथ खासकर सऊदी अरब (KSA) में विस्तार के लिए इस्तेमाल हो रहा है। कंपनी का लक्ष्य 'विजन 2030' के तहत KSA के बड़े क्रेन रेंटल मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाना है, जो अनुमानित $800 मिलियन से $1 अरब का बाजार है। SML Botswana का लॉन्च अफ्रीकी बाजार में कंपनी के विस्तार का एक और कदम है।

💰 आर्डर बुक मजबूत, पर मुनाफे पर नजर

कंपनी के पास ₹1,860 करोड़ का मजबूत आर्डर बुक है, जो आने वाले समय में रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी देता है। हालांकि, KSA में चल रहे निवेश और विस्तार के कारण फिलहाल वहां से रेवेन्यू रिकग्निशन शुरू नहीं हुआ है, जिसका असर नतीजों पर दिख रहा है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे अपने बढ़ते रेवेन्यू को टिकाऊ मुनाफे में बदलती है और मार्जिन को कैसे बेहतर करती है। कंपनी को अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सफलतापूर्वक लागू करने और प्रतिस्पर्धी माहौल में मार्जिन बनाए रखने जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा।

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