Sanghvi Movers: KSA में तूफानी एंट्री! ₹720 Cr रेवेन्यू, पर Wind EPC की हालत पतली, शेयर का क्या होगा?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Sanghvi Movers: KSA में तूफानी एंट्री! ₹720 Cr रेवेन्यू, पर Wind EPC की हालत पतली, शेयर का क्या होगा?
Overview

Sanghvi Movers ने Q3 FY26 में **₹720 करोड़** के करीब रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया है, जो मजबूत मांग और KSA व Botswana में कंपनी के आक्रामक विस्तार से प्रेरित है। कंपनी ने FY26 के लिए **₹629 करोड़** के बड़े कैपेक्स (Capex) की योजना बनाई है और फ्लीट यूटिलाइजेशन (Fleet Utilization) **75-80%** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, Wind EPC सेगमेंट में भारी गिरावट देखी गई और कुछ असाधारण खर्चों (Exceptional Items) ने नतीजों पर असर डाला। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 तक मार्जिन में सुधार होगा।

📉 वित्तीय नतीजों पर एक नजर

Sanghvi Movers Limited ने Q3 FY26 के लिए ₹720 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पेश किया है। कंपनी के मुख्य क्रेन हायरिंग (Crane Hiring) सेगमेंट का ईबीआईटी (EBIT) ₹49 करोड़ रहा, जो पिछले तिमाही (Q2 FY26) के ₹50 करोड़ से मामूली कम है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹8.4 करोड़ के असाधारण खर्चों (Exceptional Items) को भी दर्ज किया है, जिनका मुख्य कारण लेबर कोड (Labour Code) का असर और क्षतिग्रस्त संपत्तियां (Damaged Assets) थीं। इन खर्चों ने नेट प्रॉफिटेबिलिटी (Net Profitability) को प्रभावित किया।

Wind EPC सेगमेंट में लगातार कमजोरी बनी हुई है। इस सेगमेंट में रेवेन्यू में भारी गिरावट देखी गई और मार्जिन्स (Margins) भी साल-दर-साल (YoY) और तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) दोनों में कम रहे। फाइनेंशियल ईयर 26 के पहले नौ महीनों का प्रदर्शन पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान अवधि के लगभग बराबर रहा।

🟢 मैनेजमेंट की रणनीति और भविष्य की योजना

मैनेजमेंट ने 'एलीवेट 2030' (Elevate 2030) विजन पेश किया है, जो भौगोलिक विस्तार, ग्राहक-केंद्रितता बढ़ाने और टेक्नोलॉजी को अपनाने की एक बहु-वर्षीय योजना है। कंपनी ने KSA (सऊदी अरब) मार्केट में सफलतापूर्वक कदम रखा है, बोत्सवाना में पहला ऑर्डर हासिल किया है, और कतर व दक्षिण अफ्रीका में भी अवसरों की तलाश कर रही है। GCC क्षेत्र को कंपनी ने विकास का एक अहम इंजन माना है।

कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष के अंत तक फ्लीट यूटिलाइजेशन (Fleet Utilization) को 75% से 80% के लक्ष्य बैंड के भीतर लाना है। क्षमता निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से H2 FY26 में मार्जिन सामान्य होने और FY27 में और सुधार की उम्मीद है, क्योंकि नए एसेट्स (Assets) उत्पादक बनेंगे।

FY26 के लिए कैपेक्स (Capex) ₹629 करोड़ का नियोजित है, जिसमें Q4 में और डिलीवरी की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य मिड-टीएन आरओसीई (Mid-teen ROCE) हासिल करना है और कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) पर अनुशासित दृष्टिकोण बनाए रखना है। सऊदी कारोबार में यील्ड्स (Yields) का अनुमान 3.5%+ प्रति माह लगाया गया है, और 10 से 14 महीनों के भीतर ब्रेक-ईवन (Breakeven) की उम्मीद है।

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चीनी क्रेन पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-dumping duty) से कंपनी के मार्जिन में सुधार हो सकता है। FY26 रेवेन्यू के लिए ऑर्डर बुक (Order Book) एक्जीक्यूशन का लक्ष्य ₹1,000 करोड़+ रखा गया है।

🚩 जोखिम और आगे का रास्ता

आगे का रास्ता मजबूत मांग के कारण सकारात्मक दिख रहा है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल्स और इंडस्ट्रियल सेगमेंट में सरकारी खर्च से समर्थित है। हालांकि, जोखिमों में Wind EPC सेगमेंट का लगातार कमजोर प्रदर्शन और असाधारण मदों का प्रभाव शामिल है। कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति को स्थायी प्रॉफिटेबिलिटी में बदलने और FY27 में मार्जिन सुधार हासिल करने की क्षमता निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी। ग्रॉस डेब्ट (Gross Debt) लगभग ₹650 करोड़+ है, और नए एसेट्स के पूंजीकरण के साथ फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) बढ़ने की उम्मीद है, हालांकि यह बड़े पैमाने पर संचालन और उच्च यूटिलाइजेशन से संतुलित होगा।

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