9 महीने की कहानी अच्छी, पर तिमाही में दबाव
Sandhar Technologies Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई नौ महीने (9M FY26) और तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। जहां नौ महीनों की अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रदर्शन मजबूत रहा, वहीं तीसरी तिमाही में स्थिति थोड़ी चिंताजनक दिखी।
कंसोलिडेटेड नतीजे (Consolidated Performance):
- 9M FY26: कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 23.5% की जोरदार साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी के साथ ₹3,545.10 करोड़ दर्ज किया गया। एबिटडा (EBITDA) 26.7% बढ़कर ₹368.13 करोड़ रहा, और मार्जिन 10.4% रहे। टैक्स (PBT) से पहले का मुनाफा (Profit Before Tax) 42.4% बढ़कर ₹173.71 करोड़ और नेट प्रॉफिट (Net Profit) 36.16% बढ़कर ₹134.84 करोड़ रहा।
- Q3 FY26: इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 21.67% YoY बढ़कर ₹1,184.64 करोड़ रहा। हालांकि, एबिटडा (EBITDA) की ग्रोथ धीमी रही और यह 15.90% YoY बढ़कर ₹110.92 करोड़ रहा, जिससे मार्जिन घटकर 9.36% (पिछले साल की इसी तिमाही में 9.83% था) रह गए। पिछली तिमाही (Q2 FY26) की तुलना में भी प्रदर्शन कमजोर रहा, जहां रेवेन्यू 6.75% गिरा और एबिटडा (EBITDA) 28.61% लुढ़ककर ₹110.92 करोड़ पर आ गया। इस दौरान मार्जिन भी 12.23% से गिरकर 9.36% हो गए।
स्टैंडअलोन नतीजे (Standalone Performance):
- 9M FY26: स्टैंडअलोन रेवेन्यू 5.37% YoY बढ़कर ₹2,270.18 करोड़ रहा। एबिटडा (EBITDA) 18.89% बढ़कर ₹260.83 करोड़ रहा और मार्जिन 11.49% रहे। नेट प्रॉफिट (Net Profit) 37.39% बढ़कर ₹132.75 करोड़ रहा।
- Q3 FY26: स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 0.37% की मामूली YoY गिरावट आई और यह ₹737.04 करोड़ रहा। एबिटडा (EBITDA) 5.13% YoY घटकर ₹74.42 करोड़ रहा, मार्जिन घटकर 10.10% (पिछले साल 10.60% था) हो गए। पिछली तिमाही (Q2 FY26) की तुलना में प्रदर्शन काफी गिरा, रेवेन्यू 8.45% QoQ गिरा और एबिटडा (EBITDA) 38.27% लुढ़क गया, जिससे मार्जिन 14.97% से घटकर 10.10% हो गए।
🚩 चिंता के विषय और भविष्य का संकेत
कंपनी का विदेशी कारोबार (Overseas Business) एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। 9M FY26 में इस सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ सिर्फ 2.0% YoY रही, जबकि एबिटडा (EBITDA) में 22.8% की गिरावट आई और यह ₹(25.81) करोड़ के घाटे में चला गया। नए प्रोजेक्ट्स भी अभी शुरुआती दौर में हैं और उन पर ₹(24.98) करोड़ का EBT लॉस हुआ है, जिससे ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ रहा है।
विदेशी ऑपरेशंस के लिए बकाया कर्ज (Outstanding Borrowings) में 39.79% YoY की बढ़ोतरी के साथ यह ₹488.18 करोड़ हो गया है, जिस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। हालांकि, 31 दिसंबर, 2025 तक, कंसोलिडेटेड डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) 0.74 के मैनेजेबल स्तर पर बना हुआ है।