Salasar Techno Engineering: FY27 में ₹1,800 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य, ₹2,500 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक तैयार!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Salasar Techno Engineering: FY27 में ₹1,800 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य, ₹2,500 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक तैयार!

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Salasar Techno Engineering ने अगले तीन सालों में यानी फाइनेंशियल ईयर 2027 तक अपने रेवेन्यू को ₹1,800 करोड़ तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य कंपनी के पास मौजूद लगभग ₹2,500 करोड़ के मजबूत ऑर्डर बुक से संभव होता दिख रहा है। कंपनी पावर, रेलवे और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खास फोकस कर रही है।

₹1,800 करोड़ के लक्ष्य का आधार

Salasar Techno Engineering ने फाइनेंशियल ईयर 2027 तक 20% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹1,800 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का टारगेट सेट किया है। इस टारगेट को पूरा करने के लिए कंपनी के पास मौजूदा समय में करीब ₹2,500 करोड़ का पक्का ऑर्डर बुक है। कंपनी का फोकस पावर ट्रांसमिशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन और टेलीकॉम जैसे सेक्टर्स पर है, जहां वह कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन और TANGEDCO जैसी कंपनियों के लिए प्रोजेक्ट्स को अंजाम दे रही है।

एक्सपेंशन और प्रोडक्शन कैपेसिटी

इस रेवेन्यू लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी अपनी प्रोजेक्ट डिलीवरी पर पूरा जोर दे रही है। अपने इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस को मजबूत करने के लिए, Salasar के उत्तर प्रदेश के हापुड़ और छत्तीसगढ़ के भिलाई में चार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। इन प्लांट्स की कुल सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी 2.11 लाख टन है। यहां ट्रांसमिशन टावर, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन स्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे जरूरी कंपोनेंट्स बनाए जाते हैं। हाल ही में, कंपनी ने ₹290.77 करोड़ का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट किया था, जिसका इस्तेमाल EMC लिमिटेड को एक्वायर करने में किया गया। इससे कंपनी की टेक्निकल और ऑपरेशनल क्षमता में और भी इजाफा होगा।

फाइनेंशियल और ऑपरेशनल चुनौतियां

हालांकि कंपनी के पास एक मजबूत ऑर्डर बुक है, लेकिन इसकी फाइनेंशियल परफॉर्मेंस प्रोजेक्ट्स के पूरे होने की टाइमलाइन और कच्चे माल की कीमतों पर निर्भर करती है। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अक्सर कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सरकारी प्रोजेक्ट्स की मंजूरी मिलने में देरी जैसी चुनौतियां आती रहती हैं। चूंकि कंपनी का बिजनेस मॉडल स्पेसिफिक टाइमलाइन में प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर टिका है, इसलिए किसी भी तरह की देरी, चाहे वह सामान की खरीद में हो या साइट हैंडओवर में, रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकती है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी अपने वर्किंग कैपिटल को कितनी कुशलता से मैनेज करती है ताकि मौजूदा प्रोजेक्ट्स में कोई बाधा न आए।

आगे की राह और निवेशकों के लिए खास बातें

FY27 के लक्ष्यों की ओर बढ़ते हुए, निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजें कंपनी के ₹2,500 करोड़ के ऑर्डर बुक का रेवेन्यू में कन्वर्जन रेट और प्रतिस्पर्धी इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता होगी। इसके अलावा, EMC लिमिटेड के इंटीग्रेशन की प्रगति और कंपनी की ऑर्डर एग्जीक्यूशन कैपेसिटी में इसके योगदान पर भी नजर रहेगी। निवेशक नई ऑर्डर विन की जानकारी और चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नियमित अपडेट्स पर ध्यान दे सकते हैं, ताकि यह पता चल सके कि कंपनी अपने ग्रोथ प्रोजेक्शन को पूरा करने की राह पर है या नहीं।

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