STCH: AI से कपड़ों में क्रांति! **₹456 करोड़** की प्री-सीरीज़ A फंडिंग, अब ये स्टार्टअप मचाएगा धमाल!

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AuthorMehul Desai|Published at:
STCH: AI से कपड़ों में क्रांति! **₹456 करोड़** की प्री-सीरीज़ A फंडिंग, अब ये स्टार्टअप मचाएगा धमाल!
Overview

बेंगलुरु की AI-संचालित फैब्रिक डेवलपमेंट स्टार्टअप STCH ने Pre-Series A फंडिंग राउंड में **$5.5 मिलियन (लगभग ₹456 करोड़)** की भारी रकम जुटाई है। Omnivore के नेतृत्व में हुए इस राउंड में Kae Capital और WVC ने भी हिस्सा लिया। इस फंड का इस्तेमाल AI क्षमताओं को बढ़ाने, R&D लैब बनाने और नए बाजारों में उतरने के लिए किया जाएगा।

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कपड़ों के विकास में AI का 'जादुई' इस्तेमाल

कपड़ा उद्योग में नए फैब्रिक (कपड़े) विकसित करना एक बड़ी चुनौती रही है। STCH के को-फाउंडर नरहरी पाला के मुताबिक, पारंपरिक तरीकों में एक सफल नतीजा पाने के लिए बीस से ज़्यादा बार 'ट्रायल-एंड-एरर' (कोशिश और गलती) करनी पड़ती है। STCH आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके इस अक्षमता को दूर करना चाहता है। एक कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) के तौर पर, STCH ग्लोबल ब्रांड्स जैसे Shein, Crocodile और Being Human के साथ काम करता है। इसका AI सिस्टम फैशन ट्रेंड्स और फैब्रिक कंपोजीशन का विश्लेषण करने के लिए एडवांस्ड इमेज और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करता है, ताकि मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क के ज़रिए नए मैटेरियल्स को डिज़ाइन किया जा सके। कंपनी एक 'फैब्रिक GPT' विकसित कर रही है, जिसे बड़े पैमाने पर टेक्सटाइल डेटा पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य R&D की टाइमलाइन को कम करना और लागत में कटौती करना है।

सप्लाई चेन के 'बैकएंड' पर AI का फोकस

फैशन इंडस्ट्री में AI का इस्तेमाल अक्सर डिज़ाइन जैसे 'कस्टमर-फेसिंग' उपयोगों पर होता है। लेकिन STCH सप्लाई चेन के 'बैकएंड', खासकर फैब्रिक लेयर को ऑप्टिमाइज़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कंपनी ऑयल-बेस्ड सिंथेटिक फाइबर्स के विकल्प के तौर पर बायोडिग्रेडेबल या रीसाइकल्ड ऑप्शन्स के लिए टेक्सटाइल फॉर्मूलेशन भी विकसित कर रही है। ये नए मैटेरियल्स पॉलिएस्टर जैसे सिंथेटिक फाइबर्स का परफॉरमेंस तो देंगे, लेकिन कॉटन से बने होंगे, जो पर्यावरण लक्ष्यों और मैटेरियल की क्वालिटी के बीच संतुलन बनाएगा।

ग्लोबल विस्तार और बड़े ऑर्डर

STCH ने पहले ही यूके, यूरोप, अमेरिका और भारत सहित बाज़ारों से ₹1,245 करोड़ (लगभग $15 मिलियन) से ज़्यादा के ऑर्डर सुरक्षित कर लिए हैं, जो इसकी शुरुआती व्यावसायिक पकड़ को दर्शाता है। कंपनी फैशन ब्रांड्स के लिए एक कॉम्प्रिहेंसिव 'बैकएंड' पार्टनर बनना चाहती है, जो ट्रेंड स्पॉटिंग से लेकर डिलीवरी तक पूरी वैल्यू चेन का प्रबंधन करे। Omnivore के मैनेजिंग पार्टनर मार्क कान का मानना है कि भारत के मौजूदा रॉ मैटेरियल और मिल इंफ्रास्ट्रक्चर, STCH के AI प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर, देश को सस्टेनेबल टेक्सटाइल इनोवेशन का ग्लोबल सेंटर बना सकते हैं।

बाज़ार में मुकाबला और भविष्य की राह

टेक्सटाइल टेक सेक्टर में निवेश बढ़ रहा है, जहाँ AI सप्लाई चेन और मैटेरियल्स को ऑप्टिमाइज़ करने में अहम भूमिका निभा रहा है। STCH का इंटीग्रेटेड AI फैब्रिक डेवलपमेंट और CDMO सर्विस एक अनोखी स्थिति प्रदान करती है। हालांकि, कुछ स्टार्टअप AI को डिज़ाइन या नए सस्टेनेबल फाइबर्स पर केंद्रित कर रहे हैं। शुरुआती दौर की ऐसी ही कुछ AI फैशन टेक स्टार्टअप्स की वैल्यूएशन $20 मिलियन से $75 मिलियन (लगभग ₹1,660 करोड़ से ₹6,225 करोड़) तक रही है। STCH के AI फैब्रिक डेवलपमेंट मॉडल को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाधा यह साबित करना है कि इसका 'फैब्रिक GPT' लागत-प्रभावी, हाई-परफॉरमेंस वाले सस्टेनेबल मैटेरियल्स को लगातार बड़े पैमाने पर तैयार कर सकता है, जो मौजूदा सिंथेटिक मैटेरियल्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.