📉 कंपनी पर नियंत्रण की जंग, पर हालत खस्ताहाल!
SRM Energy Limited में नियंत्रण बदलने की आहट के बीच, कंपनी के अधिग्रहण (Acquisition) के लिए एक ओपन ऑफर (Open Offer) शुरू हो गया है। अधिग्रहणकर्ता, श्री उमेश नरपतचंद संघवी और श्रीमती सपना संघवी, 71.19% हिस्सेदारी स्पाइस एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से हासिल करने के बाद, अब 26% वोटिंग कैपिटल, यानी 23,55,600 इक्विटी शेयर्स, को ₹4 प्रति शेयर के भाव पर खरीदने का प्रस्ताव दे रहे हैं। यह अनिवार्य ऑफर 11 फरवरी से 25 फरवरी, 2026 तक खुला रहेगा।
हालांकि, SRM Energy का वित्तीय स्वास्थ्य बेहद चिंताजनक स्थिति में है। कंपनी की परिचालन (Operations) की तस्वीर पूरी तरह खाली है। फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) 2023, 2024, और 2025 के अंत तक, कंपनी ने अपने रेवेन्यू (Revenue) में शून्य दर्ज किया है। इसके चलते, कंपनी को लगातार भारी नेट लॉस (Net Loss) हुआ है: FY2023 में ₹35.77 लाख, FY2024 में ₹38.61 लाख, और FY2025 में ₹37.58 लाख का घाटा हुआ है। सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में ₹3.77 लाख की 'अन्य आय' (Other Income) दर्ज हुई, जो कंपनी के गंभीर परिचालन घाटे के सामने नगण्य है।
⚖️ कर्ज का बोझ और डूबता नेट वर्थ
31 मार्च, 2025 तक की स्थिति के अनुसार, SRM Energy की बैलेंस शीट (Balance Sheet) एक गंभीर वित्तीय संकट दर्शाती है। कंपनी की इक्विटी शेयर कैपिटल ₹906.00 लाख है, लेकिन ₹(1,468.28) लाख की नकारात्मक 'अन्य इक्विटी' (Other Equity) के कारण, इसका कुल नेट वर्थ (Net Worth) लगभग ₹(562.28) लाख यानी ₹5.62 करोड़ से अधिक का नकारात्मक हो गया है। इसका मतलब है कि कंपनी की देनदारियां उसकी संपत्ति से कहीं ज्यादा हैं।
30 सितंबर, 2025 तक, कंपनी की कुल करंट लायबिलिटीज (Current Liabilities) ₹537.89 लाख थीं, जिसमें से ₹516.83 लाख का बड़ा हिस्सा विभिन्न उधारों (Borrowings) का है। यह दर्शाता है कि ऑपरेशनल आय न होने के बावजूद, कंपनी पर भारी कर्ज का बोझ है। कैश फ्लो स्टेटमेंट (Cash Flow Statement) भी नकारात्मक ऑपरेटिंग कैश (Negative Cash Generated from Operations) की ओर इशारा करते हैं, जो बताता है कि कंपनी अपने दैनिक खर्चों को चलाने के लिए भी अंदरूनी कमाई नहीं कर पा रही है।
🚩 बड़े जोखिम और अनिश्चित भविष्य
यह अधिग्रहण और ओपन ऑफर कई गंभीर जोखिमों से घिरा है, जो सौदे की सफलता पर सवालिया निशान लगाते हैं। सबसे बड़ी अड़चन यह है कि जिन शेयर्स को खरीदा जाना है, वे BSE द्वारा फ्रीज किए गए हैं। यह रोक विक्रेता से जुड़ी एक एंटिटी पर लिस्टिंग फीस का भुगतान न करने के आरोपों के कारण लगाई गई है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में सुनवाई चल रही है, जो इस सौदे के निष्पादन (Execution) के लिए एक बड़ा जोखिम है।
इसके अलावा, यदि यह सौदा पूरा हो जाता है, तो कंपनी की पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25% के आवश्यक न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नॉर्म से नीचे गिर सकती है। ऐसे में नई मैनेजमेंट को इस समस्या को दूर करने के लिए कदम उठाने होंगे।
SRM Energy का भविष्य पूरी तरह अनिश्चित है। हालांकि अधिग्रहणकर्ता नई व्यावसायिक योजनाओं पर विचार कर सकते हैं, लेकिन अभी तक कंपनी को पुनर्जीवित करने के लिए किसी ठोस रणनीति, विकास की संभावनाओं या वित्तीय दिशा-निर्देशों का खुलासा नहीं किया गया है। ओपन ऑफर में निवेश करने वाले निवेशकों को नए प्रबंधन की क्षमता पर भरोसा करना होगा कि वे एक निष्क्रिय कंपनी को पुनर्जीवित कर सकेंगे और कड़े नियामक (Regulatory) व कानूनी बाधाओं को पार कर पाएंगे।
