SRF Ltd अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और एनर्जी स्टोरेज मार्केट में अपनी पैठ जमाने जा रही है। कंपनी मध्य प्रदेश में **₹600 करोड़** की लागत से एक नई यूनिट लगाएगी, जो बैटरी के लिए जरूरी एल्युमीनियम फॉयल तैयार करेगी।
दो चरणों में होगा विस्तार
SRF ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी SRF Altech Ltd के जरिए इस प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। यह निवेश दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें हर चरण पर ₹300 करोड़ खर्च होंगे। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक लिथियम-आयन और सोडियम-आयन बैटरी के लिए फॉयल का उत्पादन शुरू करना है। पहले चरण का काम सितंबर 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। पूरी तरह चालू होने के बाद, यह प्लांट सालाना 12,000 मीट्रिक टन बैटरी-ग्रेड एल्युमीनियम फॉयल का उत्पादन करने में सक्षम होगा।
क्यों खास है यह फैसला?
यह कदम कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड के बाद आया है। सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर ₹509 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 35% उछलकर ₹4,904 करोड़ पर पहुंच गया। खास बात यह है कि कंपनी के फिल्म्स और फॉयल बिजनेस ने 51% की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। टेक्सटाइल और केमिकल्स जैसे पारंपरिक बिजनेस से हटकर अब कंपनी हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भले ही कंपनी के पास मजबूत कैश फ्लो है, लेकिन नई टेक्नोलॉजी को अपनाने और बैटरी मैन्युफैक्चरर्स के कड़े मानकों (Purity Standards) पर खरा उतरना एक बड़ी चुनौती होगी। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी किस तरह समय पर कैपेसिटी बढ़ाती है और EV सेक्टर की बड़ी कंपनियों के साथ क्या पार्टनरशिप करती है। 2028 में जब यह क्षमता काम करना शुरू करेगी, तब इस निवेश का असली रिटर्न देखने को मिलेगा।
