SPML Infra की दमदार वापसी: रिकॉर्ड ऑर्डर्स और कर्ज में भारी कटौती
SPML Infra Limited ने अपने Q3 FY26 के नतीजों से बाजार को चौंका दिया है। कंपनी ने शानदार परफॉरमेंस दिखाते हुए न केवल अपने मुनाफे में भारी उछाल दर्ज किया है, बल्कि ₹4,324 करोड़ के बड़े ऑर्डर भी हासिल किए हैं। इस सब के बीच, कंपनी ने अपने पुराने कर्ज (legacy debt) को भी काफी हद तक कम कर लिया है, जिससे उसकी वित्तीय सेहत में बड़ा सुधार आया है।
तिमाही नतीजों का लेखा-जोखा
कंपनी के नतीजों की मानें तो, इस तिमाही में रेवेन्यू में 20.4% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले साल की ₹191.9 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹231.1 करोड़ हो गया। EBITDA में 85.2% का जबरदस्त उछाल आया, जो ₹26.3 करोड़ तक पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 400 बेसिस पॉइंट बढ़कर 11.4% हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 97.1% बढ़कर ₹20.5 करोड़ पर पहुंच गया। PAT मार्जिन 350 बेसिस पॉइंट सुधरकर 8.9% रहा। कंपनी की तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) परफॉरमेंस भी मजबूत रही, जिसमें रेवेन्यू 16.4% बढ़ा।
पहले नौ महीनों (9M FY26) के प्रदर्शन की बात करें तो, रेवेन्यू में मामूली 0.4% की गिरावट के साथ ₹594.0 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, इस दौरान EBITDA में 25.4% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹61.7 करोड़ पर पहुंच गया। PAT भी 27.7% बढ़कर ₹47.9 करोड़ रहा, जबकि PAT मार्जिन 180 बेसिस पॉइंट सुधरकर 8.1% हो गया।
नए ऑर्डरों से भविष्य को मिलेगी मजबूती
SPML Infra के लिए सबसे बड़ी खबर नए ऑर्डर हैं, जिनकी कुल कीमत ₹4,324 करोड़ है। ये ऑर्डर मुख्य रूप से पानी और सिंचाई (water and irrigation) सेक्टर्स के लिए हैं। इनमें राजस्थान में ₹1,438 करोड़ का जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission - JJM) प्रोजेक्ट, इंदौर में AMRUT 2.0 योजना के तहत ₹1,073 करोड़ का वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट, और झारखंड में ₹618 करोड़ का कोनार सिंचाई प्रोजेक्ट (Konar Irrigation Project) शामिल हैं। इन ऑर्डरों की खास बात यह है कि इनमें से कई में 10 से 20 साल तक के ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) का जिम्मा भी शामिल है, जो कंपनी के लिए अगले कई सालों तक आय का एक स्थिर जरिया बनाएंगे।
कर्ज का बोझ हुआ आधा: वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार
कंपनी के लिए सबसे निर्णायक डेवलपमेंट उसके पुराने कर्ज (legacy debt) के समाधान में मिली सफलता है। SPML Infra ने अपने बकाया कर्ज को ₹700 करोड़ (ब्याज सहित) से घटाकर केवल ₹317 करोड़ कर दिया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस शेष कर्ज पर अब कोई ब्याज (zero interest outgo) नहीं लग रहा है और न ही कंपनी पर तत्काल भुगतान का कोई दबाव है। इस स्थिति को ₹621 करोड़ के आर्बिट्रेशन अवार्ड (arbitration awards) का भी सहारा मिल रहा है, जबकि ₹4,417 करोड़ के और क्लेम फाइल किए गए हैं, जिनसे करीब ₹1,500 करोड़ के अवार्ड मिलने की उम्मीद है। इस कर्ज पुनर्गठन (debt restructuring) के बाद, कंपनी का डेब्ट-टू-इक्विटी (Debt-to-Equity) रेशियो FY24 के 7.20x से घटकर दिसंबर 2025 तक 5.07x हो गया है। साथ ही, डेब्ट-टू-EBITDA भी 6.02x से सुधरकर 4.3x हो गया है।
भविष्य की रणनीति: इंफ्रा बूस्टर का फायदा उठाने की तैयारी
SPML Infra अपनी 'SPML 2.0' रणनीति के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के बड़े खर्च का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी पानी के क्षेत्र में JJM और AMRUT प्रोजेक्ट्स में अपनी EPC योग्यता का इस्तेमाल करना चाहती है। इसके अलावा, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और एनर्जी वोल्ट (Energy Vault) के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की भी योजना है, ताकि पावर सेक्टर में अपनी ग्रोथ को और बढ़ाया जा सके।