बड़े प्रोजेक्ट से SPML Infra को मिली मजबूती
SPML Infra लिमिटेड के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी को चेन्नई मेट्रोपॉलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (CMWSSB) से ₹344.64 करोड़ का एक बड़ा वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट हासिल हुआ है। यह प्रोजेक्ट AMRUT स्कीम के तहत पूरा किया जाएगा, जिसका मकसद शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
इस प्रोजेक्ट में SPML Infra की 26% हिस्सेदारी है, जिसका मूल्य ₹89.61 करोड़ बैठता है। इस कंसोर्टियम (Consortium) में JWIL Infra लिमिटेड 64% शेयर के साथ प्रमुख भागीदार है, जबकि Vishnusurya Projects & Infra प्राइवेट लिमिटेड की 10% हिस्सेदारी है। यह साझेदारी विभिन्न कंपनियों की ताकतों का एक साथ लाभ उठाएगी।
यह प्रोजेक्ट 'डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर' (DBFOT) मॉडल पर आधारित होगा। इसका मतलब है कि कंसोर्टियम न केवल प्रोजेक्ट का निर्माण करेगा, बल्कि उसे फाइनेंस भी करेगा, एक निश्चित अवधि तक उसका संचालन (Operate) भी करेगा, और अंत में बोर्ड को हस्तांतरित (Transfer) कर देगा।
प्रोजेक्ट के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन 30 दिनों के अंदर किया जाना ज़रूरी है। कंसोर्टियम को ₹15.75 करोड़ की कंस्ट्रक्शन पीरियड परफॉर्मेंस सिक्योरिटी भी जमा करनी होगी। प्रोजेक्ट की कुल बिड लागत ₹267.00 करोड़ है, जिसमें निर्माण अवधि के दौरान संचालन और रखरखाव (O&M) के लिए ₹8.32 करोड़ और संचालन के पहले वर्ष के लिए ₹16.75 करोड़ जैसी अतिरिक्त लागतें शामिल हैं, साथ ही लागू GST भी देय होगा।
यह नया ऑर्डर SPML Infra के ऑर्डर बुक के लिए एक बड़ा बूस्ट है और जल अवसंरचना (Water Infrastructure) के क्षेत्र में कंपनी की क्षमताओं को साबित करता है। DBFOT मॉडल, हालांकि इसमें काफी जिम्मेदारियां हैं, लेकिन यह कंपनी के लिए लंबी अवधि के राजस्व (Revenue) के अवसर खोल सकता है और उसे पारंपरिक EPC अनुबंधों से आगे बढ़कर यूटिलिटी सेवाओं में गहरी भागीदारी का मौका देगा।
हालांकि, इस प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर अवसंरचना विकास से जुड़ी चुनौतियाँ, लागत में वृद्धि और SPV के लिए समय पर फाइनेंसिंग और मंज़ूरी प्राप्त करने जैसे जोखिम भी मौजूद हैं। निवेशकों को SPV के गठन और निर्माण शुरू होने पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।