SMT Engineering Limited के लिए यह तिमाही नतीजों के लिहाज़ से एक मिला-जुला दौर रहा। कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) प्रदर्शन में भारी गिरावट देखी गई, वहीं Sai Machine Tools Private Limited के अधिग्रहण के दम पर कंसोलिडेटेड (Consolidated) नतीजों ने बाजी पलट दी।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन में भारी गिरावट:
Q3 FY26 के लिए, SMT Engineering का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹95.21 लाख की तुलना में 61.7% गिरकर ₹36.53 लाख पर आ गया। इसी तरह, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) में 80.6% की गिरावट आई, और नेट प्रॉफिट (Net Profit) 95.2% लुढ़क कर सिर्फ ₹4.90 लाख रह गया, जो पिछले साल ₹102.60 लाख था। बेसिक ईपीएस (Basic EPS) भी ₹0.03 तक गिर गया।
नौ महीनों (9M FY26) के आंकड़ों पर नज़र डालें तो स्टैंडअलोन रेवेन्यू 22.3% घटकर ₹952.21 लाख हो गया, और नेट प्रॉफिट में 79.3% की भारी कमी आई।
अधिग्रहण से कंसोलिडेटेड नतीजों में तूफानी उछाल:
इसके विपरीत, 26 मार्च, 2025 को अधिग्रहित की गई सहायक कंपनी Sai Machine Tools Private Limited के शामिल होने के बाद, SMT Engineering के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में गज़ब का उछाल आया। यह 7,273.3% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹2,688.05 लाख तक पहुँच गया, जो पिछले साल सिर्फ ₹36.53 लाख था। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी कंसोलिडेटेड आधार पर मुनाफे में आ गई, ₹188.66 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹30.38 लाख का नेट लॉस (Net Loss) था। कंसोलिडेटेड ईपीएस (Consolidated EPS) भी ₹1.40 हो गया।
नौ महीनों (9M FY26) के लिए, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹8,816.80 लाख रहा और नेट प्रॉफिट ₹1,582.58 लाख, जिसमें ईपीएस ₹6.67 था।
क्यों है ये उलटफेर?
यह बड़ा उलटफेर मुख्य रूप से Sai Machine Tools Private Limited के अधिग्रहण के कारण हुआ है। इस अधिग्रहण ने कंपनी के कुल वित्तीय आंकड़ों को पूरी तरह से बदल दिया है। हालांकि, कंपनी ने अपने नतीजों में यह साफ किया है कि नए अधिग्रहण के कारण, कंसोलिडेटेड आंकड़े पिछले साल की समान अवधि से सीधे तौर पर तुलना योग्य नहीं हैं (जैसा कि नोट 6 में बताया गया है)।
क्या हैं रणनीतिक मायने और जोखिम?
Sai Machine Tools का अधिग्रहण कंपनी के लिए एक बड़ी रणनीति का हिस्सा लगता है, जिससे संचालन का पैमाना बढ़ाया जा सके और नए बाजारों में पैठ बनाई जा सके। यह अधिग्रहण कंपनी की बाजार स्थिति को मजबूत कर सकता है।
हालांकि, निवेशकों को इस पर ध्यान देना होगा कि स्टैंडअलोन बिज़नेस की कमजोरी कंसोलिडेटेड नतीजों के पीछे छिप गई है। कंसोलिडेटेड आंकड़ों की साल-दर-साल तुलना न कर पाने की वजह से, संयुक्त इकाई की असली ऑर्गेनिक ग्रोथ को समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
भविष्य में, निवेशकों को स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स के प्रदर्शन पर बारीकी से नज़र रखनी होगी। साथ ही, मैनेजमेंट की यह योजना भी महत्वपूर्ण होगी कि कैसे स्टैंडअलोन प्रदर्शन को सुधारा जाए और Sai Machine Tools के अधिग्रहण से होने वाले तालमेल (synergies) का फायदा उठाया जाए। कंपनी की ओर से कोई फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस (forward-looking guidance) नहीं दी गई है, इसलिए भविष्य का प्रदर्शन पूरी तरह से एग्जीक्यूशन (execution) और बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा।