Q3 में SKF India का प्रदर्शन: क्या कहते हैं आंकड़े?
SKF India ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का रेवेन्यू 16.3% बढ़कर ₹5,766.4 मिलियन रहा। वहीं, एक्सेप्शनल आइटम्स (exceptional items) से पहले का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 96.3% उछलकर ₹964.4 मिलियन हो गया।
लेकिन, डीमर्जर (demerger) और नए रेगुलेशंस से जुड़े कुछ खास खर्चों के कारण, एक्सेप्शनल आइटम्स के बाद प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 38.6% की गिरावट आई और यह ₹863.4 मिलियन पर आ गया। कंपनी ने यह भी बताया है कि डीमर्जर की वजह से पिछले तिमाही के नतीजों से सीधे तुलना करना मुश्किल है।
भविष्य की तैयारी: EV में बड़ा निवेश
SKF India ने भविष्य की प्लानिंग पर भी रोशनी डाली है। कंपनी 2030 तक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए ₹4,100-5,100 मिलियन (लगभग ₹410-510 करोड़) का बड़ा निवेश करने की तैयारी में है। यह पैसा खास तौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और मोबिलिटी सेक्टर्स के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी की नजरें हरिद्वार, पुणे और बैंगलोर स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अपग्रेड करने पर हैं।
क्या हैं चुनौतियाँ और आगे का रास्ता?
आंकड़ों को देखें तो टॉप-लाइन रेवेन्यू और एक्सेप्शनल खर्चों से पहले का प्रॉफिट तो बढ़ा है, लेकिन खास खर्चों ने नेट PBT पर असर डाला है। निवेशकों के लिए ₹4,100-5,100 मिलियन के इस बड़े निवेश को सफलतापूर्वक लागू करना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, बदलते नियम और डीमर्जर के बाद इंटीग्रेशन (integration) के मुद्दे भी आगे चलकर कंपनी के लिए अहम हो सकते हैं।
SKF India का लक्ष्य सस्टेनेबिलिटी (sustainability), प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग (precision manufacturing) और डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाकर भारत के मोबिलिटी सेक्टर में अपनी स्थिति मज़बूत करना है।