FY26 नतीजों में दिखा दमदार टर्नअराउंड
SIS Ltd के FY26 के नतीजे बता रहे हैं कि कंपनी ने एक बड़ी वापसी की है, खासकर चौथी तिमाही (Q4) में। कंपनी के सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट बिजनेस सेगमेंट में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है।
शानदार फाइनेंशियल नंबर्स
FY26 में SIS Ltd का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹137.8 करोड़ हो गया, जो FY25 में सिर्फ ₹11.8 करोड़ था। Q4 FY26 में कंपनी ने ₹102.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में ₹223.3 करोड़ का घाटा हुआ था।
पूरे फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवेन्यू 21% बढ़कर ₹15,982 करोड़ रहा। Q4 में रेवेन्यू 31% उछलकर ₹4,489 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, EBITDA ने भी रिकॉर्ड स्तर छुआ, Q4 में यह ₹200 करोड़ के पार (₹207 करोड़) निकला, जो पिछले साल की समान अवधि से 25.6% ज्यादा है।
लेबर कोड्स से बढ़ेगा मुनाफा
भारत सरकार के नए लेबर कोड्स SIS Ltd के लिए बड़े ग्रोथ ड्राइवर साबित हो सकते हैं। कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में करीब 30,000 कॉन्ट्रैक्ट्स को री-नेगोशिएट किया जाएगा, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ेगी। कंपनी के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर Rituraj Sinha का कहना है कि ये कोड्स बिज़नेस के लिए पॉजिटिव हैं और ग्राहकों की बढ़ती लेबर कॉस्ट टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों की मांग बढ़ाएगी।
इन कोड्स के कारण SIS Ltd को ₹290 करोड़ का एक वन-टाइम कॉस्ट लगा था, जिसमें से Q4 में ₹38.8 करोड़ एडजस्ट किए गए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये कोड्स कुल सैलरी कॉस्ट को 3-5% तक बढ़ा सकते हैं, लेकिन कंपनियाँ इसे एडजस्ट करके करीब 2% की एक्चुअल वेज कॉस्ट बढ़ोतरी कर सकती हैं। इससे SIS जैसी ऑर्गेनाइज्ड कंपनियों को छोटे और अनरेगुलेटेड प्लेयर्स के मुकाबले बेहतर कॉम्पिटिशन मिलेगा।
SIS-Prosegur IPO स्थगित, बैलेंस शीट मजबूत
मार्केट में चल रही वोलैटिलिटी (Volatility) को देखते हुए, SIS Ltd ने अपनी जॉइंट वेंचर SIS-Prosegur का IPO फिलहाल टाल दिया है। SEBI के साथ कंपनी के IPO डॉक्यूमेंट्स अब 30 सितंबर, 2026 तक वैलिड रहेंगे। इससे कंपनी को बेहतर मार्केट कंडीशंस का इंतजार करने का मौका मिलेगा।
FY26 में कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड (Dividend) और बायबैक के जरिए करीब ₹250 करोड़ लौटाए हैं। कंपनी का ग्रॉस डेट (Gross Debt) ₹138 करोड़ घटकर ₹1,789 करोड़ और नेट डेट (Net Debt) ₹133 करोड़ घटकर ₹707 करोड़ रह गया है। इससे नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो घटकर 0.99x हो गया है, जो काफी मजबूत माना जाता है। ROCE (Return on Capital Employed) 16.5% रहा।
बिज़नेस सेगमेंट का प्रदर्शन
- सिक्योरिटी सॉल्यूशंस इंडिया: Q4 में इस सेगमेंट ने अब तक का सबसे ज्यादा ₹1,925 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 34.2% ज्यादा है। पूरे साल का रेवेन्यू ₹6,826.8 करोड़ रहा।
- इंटरनेशनल सिक्योरिटी: Q4 में रेवेन्यू 36.9% बढ़कर ₹1,950 करोड़ पर पहुंच गया। सिंगापुर ऑपरेशन्स अब प्रॉफिटेबल हो गए हैं।
- फैसिलिटी मैनेजमेंट: Q4 में EBITDA ₹35 करोड़ रहा, जबकि मार्जिन 5.5% तक सुधरा।
वैल्यूएशन और रिस्क
SIS Ltd के मजबूत परफॉरमेंस और लेबर कोड्स से मिलने वाले फायदों के बावजूद, इसके वैल्यूएशन पर कुछ सवाल उठ रहे हैं। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹5,000-₹5,182 करोड़ है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका TTM P/E रेशियो 101.8x तक है, जो कुछ पीयर्स (Peers) जैसे Armour Security (India) 13.12x और Share India Securities 11.4x से काफी ज्यादा है। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक भविष्य में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, नेट डेट कम होने के बावजूद डेट-टू-इक्विटी रेशियो 135.43% है, जो काफी ज्यादा है।
एनालिस्ट्स की राय
इसके बावजूद, एनालिस्ट्स (Analysts) SIS Ltd पर पॉजिटिव बने हुए हैं। 'Strong Buy' रेटिंग के साथ, उनका अनुमान है कि शेयर मौजूदा स्तरों से ₹413.25 से ₹428.4 तक जा सकता है।
