पूर्व पत्रकार आर.के. सिन्हा द्वारा स्थापित SIS Limited ने **₹15,982 करोड़** का वार्षिक रेवेन्यू दर्ज किया है। फिनलैंड में विस्तार और बायबैक के बावजूद, निवेशकों की नजर लेबर कॉस्ट और मार्जिन दबाव पर टिकी है।
1974 में एक छोटी सी सिक्योरिटी सर्विस के तौर पर शुरू हुई SIS Limited आज फैसिलिटी मैनेजमेंट और सिक्योरिटी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन चुकी है। आर.के. सिन्हा के नेतृत्व में कंपनी ने जबरदस्त विकास किया है और फाइनेंशियल ईयर 2026 में इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹15,982 करोड़ तक पहुंच गया है। कैश लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी में शुरुआती निवेश ने कंपनी को एक लोकल गार्डिंग एजेंसी से ग्लोबल प्लेयर बनाने में मदद की है।
ग्लोबल विस्तार और ऑपरेशंस
वर्तमान में कंपनी 3.5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को संभाल रही है। अपनी विकास यात्रा को जारी रखते हुए, कंपनी ने अगस्त 2026 में फिनलैंड में अपनी नई सब्सिडियरी 'SIS Global Workforce Solutions Finland Oy' की शुरुआत की है। इससे पहले भी कंपनी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी धाक जमा चुकी है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस और बायबैक
जून 2026 तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा और नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 9.37% बढ़कर ₹101.66 करोड़ दर्ज किया गया। निवेशकों को खुश करने के लिए कंपनी ₹106 करोड़ का ओपन-मार्केट शेयर बायबैक भी चला रही है, जो नवंबर 2026 तक जारी रहेगा।
निवेशकों के लिए चुनौतियां (Key Risks)
इतने बड़े स्केल पर काम करने के बावजूद, कंपनी लेबर-इंटेंसिव सेक्टर का हिस्सा है। वेज इन्फ्लेशन (Wage Inflation) और लेबर कानूनों में बदलाव का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ता है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कंपनी बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर कितनी आसानी से डाल पाती है। साथ ही, एनालिस्ट्स कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर भी बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल कंपनी अपने सितंबर तिमाही के नतीजों की तैयारी में है, जिसके कारण इनसाइडर्स के लिए ट्रेडिंग विंडो अभी बंद है।
