SEPC Limited ने Steel Authority of India (SAIL) के साथ ₹854.57 करोड़ का करार किया है। इस नए प्रोजेक्ट के साथ कंपनी की कुल ऑर्डर बुक अब ₹10,000 करोड़ के मील का पत्थर पार कर गई है।
प्रोजेक्ट की डीटेल्स
SEPC Limited ने यह करार 8 अक्टूबर, 2026 को साइन किया है। यह प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल के बर्नपुर स्थित IISCO स्टील प्लांट में 'पेललेट प्लांट' के लिए 'बैलेंस ऑफ प्लांट' (Balance of Plant) से जुड़ा है। कंपनी को यह काम 32 महीने की समय-सीमा के भीतर पूरा करना है, जिसमें भारी मात्रा में सिविल और स्ट्रक्चरल निर्माण शामिल है।
ऑर्डर बुक और भविष्य की रणनीति
इस नए कॉन्ट्रैक्ट के साथ कंपनी की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक ₹10,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। कंपनी पावर, वाटर और मेटलर्जी सेक्टर में बड़े टर्नकी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि इस विकास का असली फायदा तभी दिखेगा जब कंपनी तय समय और बजट के भीतर काम को पूरा कर सकेगी।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
ऑर्डर बुक में उछाल के बावजूद कंपनी की आर्थिक स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। जून 2026 की तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी ने ₹11 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया था, जबकि रेवेन्यू में 40% की सालाना बढ़ोतरी हुई थी। EPC (Engineering, Procurement, and Construction) सेक्टर में मार्जिन का दबाव और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे को प्रभावित करते रहे हैं। इसके अलावा, लिक्विडिटी और प्रोजेक्ट्स में देरी जैसी चुनौतियां भी कंपनी के ट्रैक रिकॉर्ड का हिस्सा रही हैं।
कानूनी राहत और मार्केट का रिएक्शन
हाल ही में कंपनी को कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। 1 अक्टूबर, 2026 को मद्रास हाई कोर्ट ने ₹149.5 करोड़ से जुड़े एक मामले को सुलझाया, जिससे कंपनी की ₹154 करोड़ की रिसीवेबल्स से अटैचमेंट हट गई। इस राहत से कंपनी की लिक्विडिटी पोजीशन में सुधार की उम्मीद है। SAIL ऑर्डर की खबर के बाद 9 अक्टूबर, 2026 को शेयर में लगभग 11% का उछाल देखा गया, हालांकि इस साल स्टॉक में करीब 47% की गिरावट पहले ही देखी जा चुकी है।
