SAIL शेयर में तगड़ा उछाल! Q4 के नतीजे हुए ज़बरदस्त, पर ये रिस्क आपको जानना ज़रूरी है

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SAIL शेयर में तगड़ा उछाल! Q4 के नतीजे हुए ज़बरदस्त, पर ये रिस्क आपको जानना ज़रूरी है
Overview

Steel Authority of India (SAIL) ने Q4FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने बेहतर सेलिंग प्राइस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर अच्छी कमाई की है।

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Q4FY26 में SAIL ने दिखाया दम!

Steel Authority of India (SAIL) के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर 2026 का चौथा क्वार्टर (Q4FY26) काफी मजबूत रहा। कंपनी के नेट सेलिंग रियलाइजेशन (NSR), यानि स्टील की औसत बिक्री कीमत, पिछले क्वार्टर के मुकाबले 9% बढ़कर ₹57,898 प्रति टन पर पहुंच गई। वहीं, कंपनी की खुद की स्टील बिक्री वॉल्यूम भी पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 5% बढ़ी। इन सब का नतीजा ये हुआ कि प्रति टन मुनाफा (EBITDA per tonne) भी 5% उछलकर ₹8,279 दर्ज किया गया।

एनालिस्टों का भरोसा बढ़ा, पर चिंताएं भी बाकी

इस शानदार परफॉर्मेंस को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने SAIL के लिए FY27 और FY28 के EBITDA अनुमानों को करीब 20% तक बढ़ा दिया है। उनका मानना है कि डोमेस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती मांग से कंपनी FY27 के लिए 22.5 मिलियन टन के सेल्स वॉल्यूम टारगेट को हासिल कर लेगी, जिसमें RINL के इंटीग्रेशन से 0.6 मिलियन टन का योगदान भी शामिल है।

टेंशन कहां है? बढ़ती लागत और घटती डिमांड का डर

हालांकि, इस पॉजिटिव आउटलुक के बीच कुछ बड़ी चिंताएं भी हैं। स्टील प्रोडक्शन के लिए जरूरी इंपोर्टेड कोकिंग कोल की कीमतें Q4FY26 में ₹18,200 प्रति टन से बढ़कर अप्रैल-मई 2026 में ₹21,000 से ₹21,800 प्रति टन तक पहुंच गई हैं। यह बढ़त कंपनी के मार्जिन को बड़ा झटका दे सकती है और स्टील की बढ़ी कीमतों से हुए फायदे को कम कर सकती है। SAIL का कमोडिटी स्टील पर फोकस इसे ग्लोबल प्राइस स्विंग के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाता है। इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें ऑटोमोबाइल और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टर्स में डिमांड को कम कर सकती हैं, जो कि डोमेस्टिक इंफ्रा प्रोजेक्ट्स से मिलने वाली मजबूती को भी प्रभावित कर सकता है। टाटा स्टील और JSW स्टील जैसी कंपनियां भी अपनी कैपेसिटी बढ़ा रही हैं, जिससे कमोडिटी सेगमेंट में कंपीटिशन और बढ़ सकता है।

आगे क्या? एक्सपर्ट्स का टारगेट और अहम फैक्टर

इन रिस्क के बावजूद, Prabhudas Lilladher ने SAIL पर 'Accumulate' की रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस को ₹209 कर दिया है। यह टारगेट मार्च 2028 के लिए 5.5x एंटरप्राइज वैल्यू टू EBITDA मल्टीपल पर आधारित है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोकिंग कोल की लगातार ऊंची लागत और डिमांड में संभावित गिरावट भविष्य की कमाई और वैल्यूएशन पर असर डालने वाले अहम फैक्टर होंगे। SAIL का फ्यूचर परफॉरमेंस इन बाहरी लागत दबावों को मैनेज करने और वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.