घरेलू मांग और सरकारी नीतियों से रिकॉर्ड ऊंचाई
SAIL के शेयर में 13 मई, 2026 को इंट्रा-डे में 4 साल से अधिक समय की सबसे बड़ी 11% की तेजी देखी गई। शेयर ₹195.45 के स्तर तक पहुंच गया, जो कि दिसंबर 2010 के बाद का सबसे ऊंचा मुकाम है। इस दौरान, शेयर 10% चढ़कर ₹192.75 पर कारोबार कर रहा था, जबकि Sensex लगभग सपाट था। ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग 3 गुना बढ़कर NSE और BSE पर करीब 7.96 करोड़ शेयरों का रहा, जो निवेशकों की भारी दिलचस्पी दिखाता है। साल 2026 में अब तक SAIL 32% चढ़ा है, जबकि BSE Sensex 12% गिरा है।
भारतीय स्टील सेक्टर में तेजी, एक्सपोर्ट में उछाल
यह उछाल भारतीय स्टील सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है। देश में स्टील की खपत 9 महीनों में करीब 7% बढ़ी है, वहीं उत्पादन में 9.5% का इजाफा हुआ है। भारत फिर से नेट एक्सपोर्टर (Net Exporter) बन गया है, जिसके तहत एक्सपोर्ट 33% बढ़े हैं और इंपोर्ट 37% घटे हैं। दिसंबर 2025 के मध्य में लागू की गई 12% की सेफगार्ड ड्यूटी (Safeguard Duty) ने घरेलू स्टील की कीमतों को ₹5,000 प्रति टन से अधिक बढ़ाया है, जिससे लोकल मिलों की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) बढ़ी है। उम्मीद है कि यह सेक्टर बढ़ता रहेगा और 2033 तक घरेलू खपत 257 MT तक पहुंच जाएगी। इस सेक्टर में JSW Steel जहां 39.6-41.53 के P/E पर ट्रेड कर रहा है, वहीं Tata Steel का P/E इंडस्ट्री एवरेज के करीब 28.86 है।
लागत और कर्ज का मंडराता खतरा
हालांकि, SAIL के लिए कुछ चिंताएं भी हैं। स्टील की कीमतों में मजबूती के बावजूद, कोकिंग कोल (Coking Coal) की कीमतों में हालिया ₹1,500 प्रति टन की बढ़ोतरी SAIL के मुनाफे पर दबाव डाल सकती है। कोकिंग कोल स्टील बनाने के लिए एक अहम कच्चा माल है, जो उत्पादन लागत का लगभग 40% होता है। 2026 के लिए ऑस्ट्रेलियाई प्रीमियम लो-वोलेटाइल हार्ड कोकिंग कोल की कीमत $210/mt रहने का अनुमान है। इसके अलावा, कंपनी पर कर्ज (Leverage) भी एक चिंता का विषय है। ICICI Securities का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 26 में ₹5,000 करोड़ से अधिक का कर्ज कम होगा, जिससे नेट डेट टू EBITDA ratio 2.1x तक आ जाएगा। वहीं, Nuvama ने दिसंबर 2025 में चेतावनी दी थी कि FY28 तक SAIL का नेट डेट करीब ₹374 अरब तक पहुंच सकता है, और नेट डेट-टू-EBITDA ratio 2.8 गुना हो सकता है। स्टॉक का करंट P/E 26-32 है, जो 10 साल के मीडियन (Median) से ऊपर है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा वैल्यूएशन (Valuation) बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। ऐतिहासिक रूप से, SAIL का शेयर नतीजों के बाद अक्सर गिरता है, पिछले 5 मौकों पर औसतन 2.3% की गिरावट आई है।
नतीजों का इंतजार, इनपुट लागत पर नजर
Steel Authority of India Limited (SAIL) 15 मई, 2026 को 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और साल के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) पेश करेगी। इसी दिन बोर्ड मीटिंग में FY25-26 के लिए फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश पर भी विचार किया जा सकता है। नतीजों पर चर्चा के लिए 16 मई, 2026 को एक इन्वेस्टर कॉल (Investor Call) भी प्लान की गई है। ICICI Securities ने अनुकूल मांग के रुझान और लागत दक्षता का हवाला देते हुए ₹200 के टारगेट प्राइस के साथ 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, कंपनी की बढ़ती इनपुट लागतों और भविष्य के कर्ज के स्तर को प्रबंधित करने की क्षमता, खासकर मौजूदा कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) के साथ, प्रमुख कारक बने रहेंगे।
