Steel Authority of India (SAIL) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में अब तक का सबसे ज्यादा **10.2 मिलियन टन** हॉट मेटल प्रोडक्शन हासिल किया है। इस ग्रोथ के साथ कंपनी ने अपना कर्ज भी **₹1,080 करोड़** तक कम कर दिया है।
Steel Authority of India Ltd (SAIL) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में जबरदस्त ऑपरेशनल मजबूती दिखाई है। कंपनी ने 10.2 मिलियन टन हॉट मेटल का उत्पादन किया, जो किसी भी फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही के लिए अब तक का रिकॉर्ड है। कंपनी का वॉल्यूम पिछले साल के मुकाबले 2% बढ़ा है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बदलाव कंपनी के प्रोडक्ट मिक्स में है। हाई-एंड स्टील प्रोडक्शन में 30% की बड़ी उछाल आई है, जो अब 2 मिलियन टन पर पहुंच गया है।
हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर दांव
कंपनी अब फिनिश्ड स्टील पर ज्यादा जोर दे रही है। फिनिश्ड स्टील का कुल उत्पादन 8.39 मिलियन टन रहा, और कुल सेलेबल स्टील में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 89.2% हो गई है, जो पिछले साल 86.8% थी। इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग को देखते हुए कंपनी ने Indian Railways को लॉन्ग रेल्स की सप्लाई में 7% और व्हील्स व एक्सल की सप्लाई में 3% की बढ़त दर्ज की है।
बेहतर बैलेंस शीट और एफिशिएंसी
कंपनी ने अपनी परिचालन क्षमता का फायदा उठाते हुए अपना कर्ज ₹1,080 करोड़ कम किया है। साथ ही, स्टील मैन्युफैक्चरिंग में महत्वपूर्ण लागत कारक, स्पेसिफिक एनर्जी कंजम्पशन, में 0.5% की कमी आई है। इसके अलावा, आयरन ओर की बिक्री में 190% का जबरदस्त उछाल देखा गया, जो 2.671 मिलियन टन तक पहुंच गई है।
सेक्टर का हाल और रिस्क
हालांकि कंपनी वॉल्यूम के मोर्चे पर मजबूत है, लेकिन भारतीय स्टील सेक्टर को सस्ते इम्पोर्ट (Imports) से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है, जो डोमेस्टिक कीमतों पर दबाव डाल सकती है। साथ ही, कोकिंग कोल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन के लिए एक चुनौती बना हुआ है। कंपनी की 35 मिलियन टन क्षमता विस्तार की योजना पर भी बाजार की नजर है। आने वाले समय में, इम्पोर्ट के दौर में वॉल्यूम ग्रोथ बरकरार रखना और कैपेक्स (Capex) खर्च की गति कंपनी के लिए सबसे बड़े 'मॉनिटरेबल्स' होंगे।
