इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन की दिग्गज कंपनी Rockwell Automation ने एशिया में अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी का मुख्य केंद्र भारत को बनाया है। कंपनी भारतीय कर्मचारियों की संख्या पिछले कुछ सालों में दोगुनी करके **5,000** तक पहुंचा चुकी है। निवेशकों को फार्मा, ऑटोमोटिव और कंज्यूमर गुड्स जैसे सेक्टर्स पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनी AI का इस्तेमाल करके लोकल कंपनियों, खासकर SMEs के लिए मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी को आसान बनाना चाहती है।
भारत में 5,000 कर्मचारियों तक पहुंची Rockwell Automation
इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन की ग्लोबल लीडर Rockwell Automation ने एशिया में अपनी ग्रोथ के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण हब बनाने का फैसला किया है। कंपनी के चेयरमैन और CEO, ब्लेक मोरेट (Blake Moret) ने हाल ही में इस बात की पुष्टि की है। पेंडेमिक की शुरुआत के बाद से कंपनी ने भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या दोगुनी कर दी है, जो अब 5,000 तक पहुंच गई है। यह कदम भारत के बाजार के प्रति कंपनी की लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। Rockwell Automation चार दशकों से भी ज़्यादा समय से भारत में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है।
'मेक इन इंडिया' पर फोकस, इन सेक्टर्स में दिखेगी तेज़ी
Rockwell Automation की भारत में स्ट्रेटेजी सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के साथ पूरी तरह मेल खाती है। कंपनी का लक्ष्य घरेलू फर्मों पर ध्यान केंद्रित करके देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मज़बूत करने में मदद करना है। Rockwell को फार्मा और लाइफ साइंसेज सेक्टर्स में अपने ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस की भारी मांग देखने को मिल रही है, जहां हाई-टेक इंटीग्रेशन की ज़रूरत बढ़ रही है। इसके अलावा, ऑटोमोटिव, फूड एंड बेवरेज, और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर्स भी इस क्षेत्र में कंपनी की ग्रोथ के मुख्य आधार बने रहेंगे।
AI का इस्तेमाल, छोटे कारोबारियों को भी मिलेगा फायदा
Rockwell Automation की फ्यूचर स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंटीग्रेट करके इंडस्ट्रियल प्रोसेस को आसान बनाना है। कंपनी AI का उपयोग कॉम्प्लेक्स टेक्नोलॉजी को ज़्यादा सुलभ बनाने के लिए करना चाहती है, जिसमें सिस्टम डिजाइन, कमीशनिंग से लेकर रोज़मर्रा के ऑपरेशन और मेंटेनेंस तक सब कुछ शामिल होगा। टेक्नोलॉजी की इन बाधाओं को कम करके, Rockwell का लक्ष्य अपने सॉल्यूशंस को स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (SMEs) के लिए ज़्यादा आकर्षक बनाना है। SMEs को अक्सर ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स की शुरुआती लागत एक बड़ी चुनौती लगती है।
सिर्फ डायरेक्ट सेल्स के अलावा, Rockwell लोकल इकोसिस्टम को भी मज़बूत कर रही है। इसके लिए कंपनी सिस्टम इंटीग्रेटर्स, मशीन बिल्डर्स और इंजीनियरिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। साथ ही, स्किल्ड टैलेंट पाइपलाइन बनाने के लिए एकेडमिक पार्टनरशिप में भी निवेश कर रही है। निवेशकों के लिए, इस स्ट्रेटेजी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी इन विस्तार योजनाओं की लागत को कितनी प्रभावी ढंग से मैनेज कर पाती है और इतने कॉम्पिटिटिव इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन स्पेस में लोकल और इंटरनेशनल कंपटीटर्स से मार्केट शेयर कैसे हासिल करती है। आने वाले वर्षों में भारतीय मैन्युफैक्चरर्स के बीच इन AI-इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस को अपनाने की दर कंपनी की कॉम्पिटिटिव स्ट्रेंथ का एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर होगी।
