📈 मुनाफे की चमक या चिंताओं का साया?
Restile Ceramics ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपनी रेवेन्यू ग्रोथ में 770% की शानदार छलांग लगाई है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर ₹146.47 लाख पर पहुंच गया, जबकि Q3 FY25 में यह महज ₹16.85 लाख था। वहीं, 9 महीनों (9M FY26) के लिए रेवेन्यू 286% बढ़कर ₹418.41 लाख हो गया। इस अवधि में कंपनी ने ₹14.37 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹73.88 लाख के नेट लॉस के मुकाबले एक बड़ा टर्नअराउंड है। 9M FY26 के लिए बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹0.02 रहा।
📉 तिमाही नतीजों में दिखी कमजोरी
हालांकि, तिमाही नतीजों पर नजर डालें तो स्थिति उलट दिखती है। Q3 FY26 में कंपनी को ₹(19.39) लाख का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछली तिमाही (Q2 FY26) में ₹49.18 लाख का मुनाफा था। इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्चा ₹164.88 लाख रहा। तिमाही के लिए बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹(0.02) दर्ज किया गया। इसके अलावा, नए लेबर कोड्स के चलते ग्रेच्युटी और लीव लायबिलिटीज में बढ़ोतरी के कारण ₹(0.98) लाख का एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी आइटम भी दर्ज किया गया।
🚩 ऑडिटर्स की गंभीर चेतावनी
लेकिन इन नतीजों से भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि कंपनी के इंडिपेंडेंट ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड कंक्लूजन' दिया है। ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' स्टेटस पर गंभीर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास लगातार नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो, भारी ऑपरेटिंग लॉस और कैश फ्लो जेनरेट करने वाली एसेट्स के वैल्यू में आई गिरावट जैसी समस्याएं हैं। यह और भी चिंता की बात है कि इन अनिश्चितताओं से जुड़े किसी भी एडजस्टमेंट को फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में शामिल नहीं किया गया है। मैनेजमेंट की ओर से कंपनी के भविष्य के आउटलुक पर कोई कमेंट्री या गाइडेंस भी नहीं दिया गया है, जिसने ऑडिटर्स की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
