🚀 प्रॉपर्टी सेल से टर्नअराउंड की उम्मीद
Repro India Limited ने अपने निवेशकों को एक बड़ी राहत देते हुए अपनी एक महत्वपूर्ण नॉन-ऑपरेशनल प्रॉपर्टी को ₹282 करोड़ की मोटी रकम में बेचने की मंजूरी दी है। यह डील कंपनी के लिए एक बड़ा टर्नअराउंड साबित हो सकती है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने Navi Mumbai के Mahape में स्थित 14,093 वर्ग मीटर की प्रॉपर्टी को STT Global Data Centres India Private Limited को बेचने की हामी भरी है। इस ट्रांजैक्शन के ₹282 करोड़ का भुगतान 30 अप्रैल, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रॉपर्टी की बिक्री से कंपनी को बड़ी मात्रा में नकदी (liquidity) मिलेगी, जिसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने या भविष्य के विकास के लिए किया जा सकता है।
📉 मिले-जुले रहे Q3 फाइनेंशियल नतीजे
जहां एक ओर प्रॉपर्टी की बिक्री से राहत मिली है, वहीं कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के फाइनेंशियल नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (revenue) साल-दर-साल (YoY) 3.43% बढ़कर ₹130.26 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹125.94 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर देखें तो रेवेन्यू में 20.86% का अच्छा उछाल आया और यह ₹107.78 करोड़ से बढ़कर ₹130.26 करोड़ हो गया।
हालांकि, नेट प्रॉफिट (Net Profit) पर साल-दर-साल (YoY) दबाव साफ दिखा। तीसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट 37.06% गिरकर सिर्फ ₹0.75 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹1.19 करोड़ था। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह महापे प्लांट में एक स्ट्राइक के चलते कर्मचारियों के सेटलमेंट पर हुआ ₹18.05 करोड़ का एक असाधारण चार्ज (exceptional charge) है। अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने पिछली तिमाही (Q2 FY26) के ₹1.99 करोड़ के घाटे से उबरकर इस तिमाही में ₹0.75 करोड़ का मुनाफा कमाया है। बेसिक ईपीएस (EPS) में भी इसी तरह का ट्रेंड दिखा है।
⚠️ स्टैंडअलोन नतीजों में गिरावट
अगर कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों की बात करें, तो वहां तस्वीर थोड़ी ज्यादा चुनौतीपूर्ण दिखती है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में साल-दर-साल (YoY) 18.20% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹59.57 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट (PAT) में तो 74.00% की भारी कमी देखी गई, जो ₹0.26 करोड़ पर आ गया। फिर भी, स्टैंडअलोन बेसिस पर भी कंपनी पिछली तिमाही के घाटे से निकलकर मुनाफा कमाने में सफल रही है।
🚩 अन्य अहम बातें
इस बीच, कंपनी के एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ने निजी कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के ऑडिटर ने इस अवधि के लिए वित्तीय रिपोर्टिंग पर अपनी अनमॉडिफाइड (unmodified) समीक्षा रिपोर्ट दी है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
निवेशक अब प्रॉपर्टी की बिक्री से मिलने वाली रकम और उसके कंपनी के बैलेंस शीट पर पड़ने वाले असर पर बारीकी से नजर रखेंगे, जिससे यह तय होगा कि कंपनी अपने कारोबार में कितना बड़ा बदलाव ला पाती है।