Renaissance Solar: तुमकुरु में ₹5,000 करोड़ का बड़ा निवेश, सोलर वेफर प्लांट की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Renaissance Solar: तुमकुरु में ₹5,000 करोड़ का बड़ा निवेश, सोलर वेफर प्लांट की तैयारी

Renaissance Solar and Electronic Materials ने कर्नाटक के तुमकुरु में **5 GW** का सोलर इंगॉट और वेफर प्लांट लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी **₹5,000 करोड़** का निवेश करेगी और **2028** के मध्य तक परिचालन शुरू करने का लक्ष्य है।

बड़े प्रोजेक्ट की पूरी तस्वीर

Renaissance Solar and Electronic Materials (RSOLEC) ने चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सोलर कंपोनेंट्स की घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। कंपनी फिलहाल कर्नाटक सरकार के साथ जमीन और पॉलिसी सपोर्ट हासिल करने के लिए बातचीत कर रही है।

बुनियादी ढांचे की बड़ी जरूरतें

इस महत्वाकांक्षी प्लांट के लिए कंपनी को 100 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग को सुचारू रूप से चलाने के लिए 80 MW बिजली और 1 करोड़ लीटर (10 MLD) पानी प्रतिदिन चाहिए होगा। सरकार से स्पेशल इंसेंटिव पैकेज की भी मांग की गई है ताकि प्लांट की भारी-भरकम लागत को मैनेज किया जा सके।

रिस्क और चुनौतियां

निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि RSOLEC एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और यह स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं है। 5 GW का प्लांट खड़ा करना एक जटिल प्रक्रिया है और कंपनी का इतने बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग का कोई पुराना ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है, जिससे निर्माण में देरी या लागत बढ़ने का रिस्क बना हुआ है।

इसके अलावा, भारतीय सोलर सेक्टर में पहले से ही कई बड़ी कंपनियां मौजूद हैं, जो भारी प्रतिस्पर्धा पैदा कर रही हैं। साल 2028 तक बाजार की स्थिति क्या होगी और कंपनी फंडिंग व इंसेंटिव कैसे जुटाएगी, यह इस प्रोजेक्ट की सफलता तय करेगा। फिलहाल, कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरियाज डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जमीन का आवंटन इस प्रोजेक्ट का अगला बड़ा पड़ाव है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.