रेवेन्यू ने तोड़े सारे रिकॉर्ड!
PGIL ने FY26 में ₹5,025 करोड़ का शानदार रेवेन्यू हासिल किया, जो कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 11.5% का इजाफा देखा गया। वहीं, FY26 की चौथी तिमाही भी ₹1,314 करोड़ के रेवेन्यू के साथ एक नया बेंचमार्क साबित हुई, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 6.9% अधिक है। कंपनी ने दो बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं: ₹5,000 करोड़ का रेवेन्यू पार करना और 10 करोड़ पीस से ज्यादा की सालाना मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी, जो फिलहाल करीब 10.1 करोड़ पीस है।
ग्लोबल चुनौतियों से पार
Pearl Global ने US टैरिफ में बदलाव और गल्फ रीजन में बढ़ी भू-राजनीतिक टेंशन जैसी बड़ी ग्लोबल चुनौतियों का सामना किया। FY26 के दौरान US टैरिफ के चलते अप्रैल से दिसंबर FY26 तक अमेरिका को होने वाले USD-denominated एक्सपोर्ट में 6% की गिरावट दर्ज की गई। इससे निपटने के लिए कंपनी ने बांग्लादेश, वियतनाम, इंडोनेशिया और ग्वाटेमाला में अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस का इस्तेमाल किया। कंपनी के वाइस-चेयरमैन पुलकित सेठ के अनुसार, इस डायवर्सिफाइड अप्रोच ने कंपनी को बाहरी झटकों से बचाया है और लगातार ग्रोथ को सपोर्ट किया है।
लागतें बढ़ीं, मार्जिन पर प्रेशर
आने वाले समय के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर पल्लव बनर्जी ने एनर्जी, कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागतों पर चिंता जताई है। गल्फ क्षेत्र में चल रहे संघर्षों के कारण लॉजिस्टिक्स के खर्चों में 400% तक की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे शिपमेंट को केप ऑफ गुड होप के आसपास से घुमाकर भेजने के कारण 10 से 15 दिन की देरी हो रही है। मैन-मेड फाइबर और जरूरी केमिकल्स की लागत भी कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों के चलते करीब 20% तक महंगी हो गई है। इन बढ़ती इनपुट लागतों से भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
मार्केट पोजीशन और एनालिस्ट्स की राय
मार्केट में PGIL का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 27.66 है, जो इंडस्ट्री एवरेज 24.87 से थोड़ा ऊपर है। वहीं, इसके कॉम्पिटिटर Vardhman Textile का P/E 23.60 और Welspun Living का 55.75 है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में Pearl Global, Page Industries (₹40,432.78 करोड़) और KPR Mill (₹30,324.03 करोड़) जैसे बड़े प्लेयर्स की तुलना में मिड-टियर कंपनी मानी जाती है। इन सबके बावजूद, हालिया एनालिस्ट सेंटीमेंट काफी पॉजिटिव है, जिसमें 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) की कंसेंसस और प्राइस टारगेट्स भविष्य में बड़े उछाल की ओर इशारा कर रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं और मुख्य जोखिम
Pearl Global ने FY27 के लिए ₹200-250 करोड़ का कैपेक्स (Capex) प्लान किया है, जिसमें बांग्लादेश में कैपेसिटी एक्सपेंशन FY27 की पहली छमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स सेक्टर-व्यापी ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार और बड़े अपसाइड पोटेंशियल की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी के लिए मुख्य चुनौती भू-राजनीतिक तनावों के कारण बढ़ी लागतों को मैनेज करना और उन्हें अपने ग्लोबल ग्राहकों पर डालना होगा। यही भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी और लॉन्ग-टर्म वैल्यू के लिए सबसे अहम होगा।