सितंबर तिमाही में Raymond का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹22 करोड़** हो गया है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी के एयरोस्पेस, डिफेंस और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी डिविजन की बड़ी भूमिका रही है।
कंपनी ने अपने शानदार नतीजों में बताया कि सितंबर तिमाही का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹11 करोड़ से बढ़कर ₹22 करोड़ हो गया है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24% उछलकर ₹655 करोड़ के पार पहुंच गया। बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के कारण कंपनी का EBITDA 30% बढ़कर ₹103 करोड़ पर आ गया है।
नॉन-टेक्सटाइल बिजनेस का दम
ग्रोथ को रफ्तार देने में कंपनी के नॉन-टेक्सटाइल ऑपरेशंस का बड़ा हाथ रहा है। प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और ऑटो कंपोनेंट्स डिवीजन से ₹471 करोड़ और एयरोस्पेस-डिफेंस बिजनेस से ₹139 करोड़ का रेवेन्यू मिला है। चेयरमैन गौतम हरि सिंघानिया ने बताया कि आंध्र प्रदेश की नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का काम तेजी से चल रहा है, जो आने वाले समय में कंपनी के ऑर्डर बुक को हाई-मार्जिन रिटर्न में बदलने में मदद करेगा।
Raymond Realty का मिला-जुला प्रदर्शन
रियल एस्टेट कारोबार की बात करें तो रेवेन्यू बढ़कर ₹749 करोड़ रहा और ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹115 करोड़ दर्ज हुआ। हालांकि, नेट प्रॉफिट ₹60 करोड़ से घटकर ₹53 करोड़ पर आ गया। फिर भी, कंपनी ने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए कलेक्शंस में 67% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। Raymond Realty के MD हरमोहन साहनी के अनुसार, ठाणे में एक टावर को रेगुलेटरी समय-सीमा से 18 महीने पहले पूरा करना कंपनी की बेहतर एग्जीक्यूशन क्षमता को दर्शाता है।
भविष्य की योजनाएं
कंपनी के पास ₹52,000 करोड़ की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) और 100 एकड़ का लैंड बैंक है। आने वाले समय में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में ₹4,100 करोड़ से अधिक के नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी है। निवेशकों की नजर अब आंध्र प्रदेश प्लांट की प्रगति और रियल एस्टेट सेक्टर में मार्जिन स्थिरता पर बनी रहेगी।
