Raymond Profit Fall: ₹20 Cr के झटके से गिरा मुनाफ़ा, पर डिफेंस सेक्टर में तगड़ा उछाल!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Raymond Profit Fall: ₹20 Cr के झटके से गिरा मुनाफ़ा, पर डिफेंस सेक्टर में तगड़ा उछाल!
Overview

Raymond Ltd के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबरें हैं। कंपनी ने Q4 FY26 में **₹11.93 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹25.42 करोड़** से **53%** कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह **₹20.03 करोड़** का एक बार का बड़ा खर्च (exceptional charge) है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) **8.2%** बढ़कर **₹602.91 करोड़** हो गया।

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Raymond Ltd के नए नतीजों में एक तरफ जहां मुनाफा (Profit) नीचे आया है, वहीं दूसरी ओर कंपनी के इंजीनियरिंग और डिफेंस जैसे अहम सेगमेंट्स में ज़बरदस्त परफॉरमेंस देखने को मिली है।

Q4 FY26 (31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही) में, Raymond Ltd का नेट प्रॉफिट घटकर ₹11.93 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹25.42 करोड़ था। यह 53% की गिरावट कंपनी पर लगे ₹20.03 करोड़ के एक स्पेशल चार्ज (exceptional charge) के कारण आई। लेकिन, लगातार चलने वाले ऑपरेशंस (continuing operations) से रेवेन्यू 8.2% बढ़कर ₹602.91 करोड़ दर्ज किया गया। इस दौरान कुल खर्च बढ़कर ₹587.14 करोड़ हो गया।

पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, नेट प्रॉफिट मामूली बढ़त के साथ ₹53.54 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹52.02 करोड़ से थोड़ा ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹2,212.1 करोड़ रहा। अप्रैल 2026 के आखिर में, Raymond Ltd का शेयर करीब ₹465 पर ट्रेड कर रहा था, जिसका मार्केट कैप लगभग ₹3,097 करोड़ था।

कंपनी का असली दम उसके एयरोस्पेस, डिफेंस और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी (precision technology) सेगमेंट्स में दिख रहा है। भारत के बढ़ते डिफेंस मार्केट को देखते हुए यह रणनीति काफी कारगर साबित हो रही है। FY26 में, एयरोस्पेस और डिफेंस डिविजन का रेवेन्यू 26.0% बढ़कर ₹392 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA में 25.3% की उछाल के साथ यह ₹88 करोड़ रहा, और मार्जिन करीब 22.3% पर बना रहा। वहीं, प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और ऑटो कंपोनेंट्स डिविजन का रेवेन्यू Q4 FY26 में 4.91% बढ़कर ₹442 करोड़ रहा, जबकि EBITDA में 26.0% की बढ़त के साथ मार्जिन 15.2% पर पहुंचा।

यह परफॉरमेंस 'मेक इन इंडिया' (Make in India) जैसी पहलों और बढ़ते डिफेंस बजट के चलते भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस मार्केट के विस्तार को दर्शाती है। भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट (exports) भी FY25-26 में रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया।

एक प्रमुख चिंता ₹20.03 करोड़ का स्पेशल चार्ज है, जिसे मैनेजमेंट ने 'वन-टाइम इवेंट' बताया है। कंपनी ने अपने लाइफस्टाइल और रियल एस्टेट बिजनस को डीमर्ज (demerge) करके फोकस बढ़ाया है, लेकिन वैल्यूएशन मेट्रिक्स (valuation metrics) में P/E रेशियो (P/E ratio) के अलग-अलग आंकड़े (कभी 1.22 तो कभी 38.84) बाजार की सतर्कता को दर्शाते हैं। कुछ एनालिस्ट्स (analysts) पिछले पांच सालों में सेल्स ग्रोथ (sales growth) में कमजोरी की ओर भी इशारा करते हैं।

इसके बावजूद, कंपनी के लीडरशिप का भरोसा कायम है। चेयरमैन और एमडी गौतम हरि सिंघानिया (Gautam Hari Singhania) ने कहा है कि वे 'हाई-मूट सेक्टर्स' (high-moat sectors) में निवेश जारी रखेंगे, जहां उनकी टेक्निकल एक्सपर्टाइज (technical expertise) उन्हें बढ़त देती है। ज्यादातर मार्केट एनालिस्ट्स भी 'बाय' (Buy) या 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग दे रहे हैं। उनका अनुमान है कि अगले 12 महीनों में शेयर ₹750-₹753 तक जा सकता है, जो मौजूदा भाव से 50% से ज्यादा की तेजी का संकेत है। यह उम्मीदें कंपनी की कमाई में ग्रोथ और मजबूत डिफेंस मार्केट पोजिशन पर आधारित हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.