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Ratnaveer Engineering Share: ₹338 करोड़ का बड़ा दांव! नया प्रोजेक्ट, शेयर में तेजी की उम्मीद?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Ratnaveer Engineering Share: ₹338 करोड़ का बड़ा दांव! नया प्रोजेक्ट, शेयर में तेजी की उम्मीद?
Overview

Ratnaveer Precision Engineering अपने कारोबार का विस्तार करने की तैयारी में है! कंपनी ने गुजरात के वडोदरा में **₹338 करोड़** का एक नया कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (CCL) प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है, जिसके साथ ही वह इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में कदम रखेगी।

नई दिशा में Ratnaveer: ₹338 करोड़ का बड़ा निवेश

स्टेनलेस स्टील के अपने मुख्य कारोबार से आगे बढ़ते हुए, Ratnaveer Precision Engineering अब इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में एक बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने गुजरात के वडोदरा में ₹338 करोड़ का एक नया कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (CCL) प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है। इस प्रोजेक्ट के तहत नवंबर 2026 तक कमर्शियल ऑपरेशंस (Commercial Operations) शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत उठाया जा रहा है, जिसका मकसद भारत के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भरता हासिल करना है। कंपनी ने जरूरी मशीनरी के ऑर्डर दे दिए हैं और साइट पर निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।

बाजार का मौक़ा और प्रतिस्पर्धा

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2030 तक 610 बिलियन USD से अधिक तक पहुंचने का अनुमान है। CCL, जो प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCBs) का एक अहम हिस्सा है, इस ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, CCL मार्केट 2031 तक 3.6 बिलियन US$ को पार कर सकता है, जो सालाना लगभग 6% की दर से बढ़ेगा। ECMS स्कीम का लक्ष्य CCL जैसे कंपोनेंट्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। ऐसे में Ratnaveer के लिए यह एक बड़ा अवसर है, लेकिन इस सेक्टर में कड़ा मुकाबला भी है। Kingboard Laminates और Shengyi Technology जैसी ग्लोबल कंपनियां CCL मार्केट में हावी हैं, वहीं Syrma SGS Technology जैसी घरेलू कंपनियां भी इसी तरह की यूनिट्स में निवेश कर रही हैं।

जोखिम और निवेशकों की चिंताएं

CCL मैन्युफैक्चरिंग में Ratnaveer का यह कदम जोखिमों से भरा है, क्योंकि यह उनके मौजूदा स्टेनलेस स्टील व्यवसाय से काफी अलग है। प्रोजेक्ट की सफलता मशीनरी की खरीद, ₹338 करोड़ के प्रोजेक्ट को नवंबर 2026 तक पूरा करने और सप्लाई चेन में प्रभावी एकीकरण पर निर्भर करेगी। CCL मार्केट में, खासकर चीन से, कड़ी मूल्य प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, और यह कॉपर जैसी कच्ची सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति भी संवेदनशील है। इसके अलावा, कंपनी द्वारा डिविडेंड (Dividend) का भुगतान न करना और प्रमोटर होल्डिंग में हालिया 8% की गिरावट, निवेशकों के लिए पूंजी आवंटन (Capital Allocation) और प्रबंधन के आत्मविश्वास को लेकर चिंता का विषय हो सकता है।

भविष्य की राह और विश्लेषकों का नज़रिया

इन जोखिमों के बावजूद, सरकारी पहलों के समर्थन से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट सेक्टर का भविष्य मजबूत दिख रहा है। एक विश्लेषक ने Ratnaveer Precision Engineering पर 'Buy' रेटिंग दी है, जिसका औसत 1-साल का प्राइस टारगेट ₹214 है। यह बाजार के भरोसे को दर्शाता है, जो कंपनी की बढ़ती CCL मार्केट में हिस्सेदारी बनाने की क्षमता को ध्यान में रखता है। कंपनी ने पिछले पांच सालों में मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ (Profit Growth) दिखाई है और अगले दो सालों के लिए 288% के रेवेन्यू CAGR (Compound Annual Growth Rate) का अनुमान लगाया है।

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