इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनी Rapidise ने अपने मानेसर प्लांट की क्षमता को **4 गुना** बढ़ाने के लिए **₹200 करोड़** के बड़े निवेश का ऐलान किया है। इस **3 साल** के प्लान में **10** नई हाई-स्पीड मैन्युफैक्चरिंग लाइनें जोड़ी जाएंगी।
विस्तार की पूरी रणनीति
कंपनी ने अपने हरियाणा स्थित मानेसर फैसिलिटी में विस्तार का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-8 में 1.2 लाख स्क्वायर फीट की नई साइट तैयार की जाएगी, जो सेक्टर-3 में मौजूद मौजूदा 40,000 स्क्वायर फीट की यूनिट के साथ काम करेगी। कंपनी का मुख्य लक्ष्य AI, डिफेंस और नेटवर्किंग हार्डवेयर जैसे जटिल क्षेत्रों में अपनी पैठ बनाना है।
टेक्नोलॉजी और क्षमता
इस विस्तार में 10 नई 'सरफेस माउंट टेक्नोलॉजी' लाइनें लगाई जाएंगी। कंपनी ने पहले ही एक डुअल-लेन शुरू कर दी है, जो 8 लाख यूनिट प्रति घंटे की रफ्तार से असेंबली करने में सक्षम है, जो कि इस इंडस्ट्री में एक बड़ा बेंचमार्क है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह कदम कंपनी को हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग की तरफ ले जाता है, लेकिन निवेशकों को इसके फंडिंग मॉडल पर नजर रखनी होगी। ₹200 करोड़ का यह बड़ा आउटले कंपनी के फ्री कैश फ्लो पर अल्पकालिक (short-term) दबाव डाल सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि कंपनी इसे अपने कैश से पूरा करती है या फिर कर्ज (debt) लेती है।
फिलहाल, सरकार की PLI स्कीमों और बढ़ती घरेलू मांग के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में तेजी है। Rapidise की सफलता अब इस पर टिकी है कि वह कितनी जल्दी नई फैसिलिटी को चालू करती है और कैसे अपने मार्जिन को बरकरार रखती है। आने वाली तिमाही के नतीजों में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर नजर रखना जरूरी होगा।
