Rane Madras के नतीजे: रेवेन्यू में जोरदार उछाल, EBITDA भी चमका
Rane (Madras) Limited ने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश किए हैं, जो काफी उत्साहजनक हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 21.3% बढ़कर ₹1,019.1 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, कमाई का एक और महत्वपूर्ण पैमाना, EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में 36.8% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹94.8 करोड़ पर पहुंच गया। इसके साथ ही, EBITDA मार्जिन 106 बेसिस पॉइंट सुधरकर 9.3% हो गया, जो कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में बढ़ोतरी का संकेत देता है।
रेवेन्यू ग्रोथ के पीछे की वजहें
कंपनी की यह मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ कई प्रमुख सेगमेंट में बेहतर प्रदर्शन का नतीजा है। डोमेस्टिक ओरिजिनल इक्विपमेंट (OE) सेल्स में 18% की साल-दर-साल बढ़ोतरी देखी गई, जबकि इंटरनेशनल बिजनेस 21% की दर से बढ़ा। आफ्टरमार्केट सेगमेंट में भी 32% की जोरदार ग्रोथ दर्ज की गई (तुलनात्मक आधार पर 18%)।
PAT में भारी उछाल, पर एक खास वजह
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में तो 7645.3% की जबरदस्त उछाल आई और यह ₹30.5 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि इस असाधारण वृद्धि का बड़ा कारण पिछले साल के एक वन-टाइम टैक्स क्रेडिट रिवर्सल का असर था। अगर इस एकमुश्त एडजस्टमेंट को हटा दें, तो कंपनी की ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी की असली तस्वीर थोड़ी अलग दिखेगी, जो इस तरह के आइटम्स का विश्लेषण करने के महत्व को रेखांकित करता है।
नए ऑर्डर्स से भविष्य को सहारा
इन शानदार वित्तीय नतीजों के अलावा, Rane (Madras) Limited ने नए ऑर्डर्स हासिल कर भविष्य के लिए भी मजबूत नींव रखी है। स्टीयरिंग एंड लिंकेजेस बिजनेस को कुल ₹115 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं, जिसमें ₹75 करोड़ अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से हैं, जो कंपनी की बढ़ती वैश्विक पहुंच को दर्शाता है। ब्रेक कंपोनेंट्स बिजनेस ने भी ₹20 करोड़ के ऑर्डर जोड़े हैं। इन सभी नए ऑर्डर्स का कुल मूल्य ₹135 करोड़ से अधिक है, जो कंपनी के ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगा और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में भविष्य की ग्रोथ के लिए एक अच्छा आधार तैयार करेगा।
ऑटो एंसिलरी सेक्टर में तेजी
भारतीय ऑटो एंसिलरी सेक्टर इस समय काफी अच्छा कर रहा है। बढ़ते वाहन उत्पादन, सरकारी योजनाओं जैसे प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) पर बढ़ते फोकस के कारण इस सेक्टर में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि डोमेस्टिक डिमांड, एक्सपोर्ट और ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार के चलते ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं के लिए ग्रोथ जारी रहेगी। Rane (Madras) के नए ऑर्डर्स इस ट्रेंड के साथ पूरी तरह मेल खाते हैं।
अतीत का एक मामला
हालांकि, कंपनी के हालिया नतीजे सकारात्मक हैं, लेकिन अतीत के कुछ नियामकीय मामलों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। दिसंबर 2025 में, कंपनी को CGST और सेंट्रल एक्साइज, चेन्नई से ₹12.23 करोड़ का टैक्स डिमांड, इंटरेस्ट और पेनल्टी का ऑर्डर मिला था। यह मामला एक्सेस/गलत ITC क्लेम, टैक्स की कम देनदारी और ब्लॉक्ड क्रेडिट पर ITC के संबंध में था। कंपनी ने इस ऑर्डर को चुनौती देने की बात कही है। यह एक ऐसा गवर्नेंस-संबंधित पहलू है जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले
Rane (Madras) Limited ऑटो एंसिलरी मार्केट में Samvardhana Motherson International (SMI), Bosch, Schaeffler India और Bharat Forge जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। यह सेक्टर 2030 तक 10-15% CAGR की ग्रोथ का अनुमान रखता है। Rane (Madras) का स्टीयरिंग, लिंकेजेस और ब्रेक कंपोनेंट्स पर फोकस इसे ऐसे सेगमेंट में रखता है जो सीधे तौर पर वाहन उत्पादन से जुड़ा है।
