Rane Holdings: कमाई बढ़ी पर लगा झटका! ₹39.5 Cr का नेट लॉस, जानें वजह | Rane Holdings Q3 Results

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Rane Holdings: कमाई बढ़ी पर लगा झटका! ₹39.5 Cr का नेट लॉस, जानें वजह | Rane Holdings Q3 Results
Overview

Rane Holdings Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में **₹39.5 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। यह नुकसान मुख्य रूप से एक बड़े जॉइंट वेंचर (Joint Venture) इकाई, ZF Rane Automotive India, में प्रोडक्ट रिकॉल (Product Recall) से जुड़े **₹84.63 करोड़** के वारंटी प्रोविजन (Warranty Provision) के कारण हुआ है। इसके बावजूद, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में **23.6%** की जोरदार सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो **₹1,539.3 करोड़** तक पहुंच गया।

दमदार रेवेन्यू के बावजूद क्यों हुआ नुकसान?

Rane Holdings Limited (RHL) के तिमाही नतीजों में एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में ₹39.5 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दिखाया है। इस नुकसान का मुख्य कारण इसके जॉइंट वेंचर ZF Rane Automotive India Private Limited की ओर से प्रोडक्ट रिकॉल से जुड़ी वारंटी के लिए किया गया बड़ा प्रोविजन है।

आय और EBITDA में तेजी

नुकसान के बावजूद, कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि कुल रेवेन्यू में 23.6% की मजबूत सालाना बढ़ोतरी हुई, जो ₹1,539.3 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation) में भी 39.5% का शानदार उछाल आया और यह ₹116.4 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन में 86 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई और यह 7.6% पर आ गया, जो लागत बढ़ने का संकेत देता है।

जॉइंट वेंचर का भारी प्रोविजन

असली मार नेट लॉस पर पड़ी, जो जॉइंट वेंचर ZF Rane Automotive India में ₹84.63 करोड़ (नेट ऑफ टैक्स) के वारंटी प्रोविजन के कारण काफी बढ़ गया। यह प्रोविजन प्रोडक्ट रिकॉल से जुड़े देनदारियों को कवर करने के लिए था। इस वजह से, ZF Rane Automotive ने खुद ₹140 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जिसमें उसका कुल ₹172.72 करोड़ का प्रोविजन शामिल है।

मुख्य सब्सिडियरीज़ का प्रदर्शन

  • Rane (Madras) Limited: इस सब्सिडियरी का प्रदर्शन मजबूत रहा। इसका रेवेन्यू ₹1,019 करोड़ और EBITDA ₹95 करोड़ रहा, जो सालाना 37.7% बढ़ा है। इसने ₹31 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया और ₹135 करोड़ के बड़े नए ऑर्डर हासिल किए, जिसमें ₹75 करोड़ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से हैं।
  • Rane Steering Systems Private Limited: इसने ₹519 करोड़ का रेवेन्यू और ₹10 करोड़ का EBITDA दर्ज किया, साथ ही ₹8 करोड़ का नेट लॉस दिखाया। इस कंपनी को UV मॉडल्स के लिए ₹345 करोड़ के डोमेस्टिक ऑर्डर भी मिले।
  • ZF Rane Automotive India Private Limited (JV): इस जॉइंट वेंचर ने ₹702 करोड़ का रेवेन्यू और ₹82 करोड़ का EBITDA दर्ज किया, लेकिन ऊपर बताए गए वारंटी प्रोविजन के चलते ₹140 करोड़ का नेट लॉस भुगता।

निवेशक जोखिम और आगे का रास्ता

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंसोलिडेटेड नेट लॉस है, जो सीधे तौर पर जॉइंट वेंचर में हुए इस भारी प्रोविजन के कारण है। ऑटो एंसिलरी सेक्टर (Auto Ancillary Sector) में फिलहाल मांग अच्छी है, लेकिन Rane Holdings का मामला प्रोडक्ट क्वालिटी या अप्रत्याशित देनदारियों जैसी परिचालन जोखिमों की ओर इशारा करता है।

सेक्टर में तुलना

भारतीय ऑटो एंसिलरी सेक्टर में Motherson Sumi Systems, Bosch India, Bharat Forge जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। हालांकि यह सेक्टर अभी तेजी के दौर में है, Rane Holdings का प्रदर्शन एक बार के प्रोविजनिंग के कारण थोड़ा फीका पड़ गया है। उदाहरण के लिए, Samvardhana Motherson International ने Q3 FY26 में अपने नेट प्रॉफिट में 16.5% की बढ़ोतरी दिखाई है, जो सेक्टर के मिले-जुले प्रदर्शन को दर्शाता है।

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