नतीजों में कैसे चमकी Ram Ratna Wires?
Ram Ratna Wires Limited (RRWL) ने वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में अपने शानदार ऑपरेशनल परफॉरमेंस का खुलासा किया है। कंपनी के नेट प्रॉफिट में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 74% का जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹18 करोड़ से बढ़कर ₹31.3 करोड़ हो गया। इस प्रॉफिट की बढ़ोतरी का मुख्य कारण 43.8% की दमदार रेवेन्यू ग्रोथ रही, जिससे सेल्स ₹888.6 करोड़ से बढ़कर ₹1,277.9 करोड़ तक पहुंच गई। कंपनी ने बताया कि उसके तार और केबल सेगमेंट में अच्छी डिमांड और एफिशिएंट एग्जीक्यूशन के चलते यह शानदार नतीजे आए हैं।
मार्जिन में सुधार, पर चिंताएं भी बरकरार
ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार का असर EBITDA पर भी दिखा, जो पिछले साल के ₹38.9 करोड़ से 85.1% बढ़कर ₹72 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 4.4% से सुधरकर 5.6% हो गया। पिछले 9 महीनों (31 दिसंबर 2025 तक) की बात करें तो, रेवेन्यू ₹2,720.0 करोड़ से बढ़कर ₹3,423.8 करोड़ हुआ, जबकि नेट प्रॉफिट ₹51.5 करोड़ से बढ़कर ₹69.4 करोड़ हो गया। हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी के मार्जिन 'मॉडेस्ट' हैं और 'एलिवेटेड डेट लेवल्स' (बढ़े हुए कर्ज का स्तर) को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं।
वैल्यूएशन प्रीमियम: शेयर महंगा या सस्ता?
Ram Ratna Wires का मार्केट कैप फिलहाल लगभग ₹2,760-2,800 करोड़ के आसपास है। कंपनी का P/E रेशियो करीब 38-40x है, जो कि इंडस्ट्री के औसत 21x P/E रेशियो से काफी ज्यादा है। कॉम्पिटीटर्स जैसे Polycab India ने Q3 FY26 में 46.18% रेवेन्यू ग्रोथ और 36% PAT ग्रोथ दिखाई, वहीं KEI Industries का रेवेन्यू 19.51% बढ़ा और PAT में 42.5% की बढ़ोतरी हुई। कुछ एनालिस्ट्स के अनुसार, कंपनी का वैल्यूएशन 'ओवरवैल्यूड' (अति मूल्यांकित) लग रहा है और इसके मार्जिन व हालिया स्टॉक परफॉरमेंस (पिछले 6 महीनों में 15% से ज्यादा की गिरावट) को देखते हुए यह प्रीमियम वैल्यूएशन 'जस्टिफाइड' (उचित) नहीं लगता।
सेक्टर की तेजी और मैनेजमेंट में बदलाव
भारतीय वायर और केबल मार्केट में ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। अनुमान है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स और हाउसिंग डिमांड के चलते 2026 से 2031 के बीच यह मार्केट 9.01% की CAGR से बढ़ेगा। इस पॉजिटिव सेक्टर आउटलुक का फायदा Ram Ratna Wires जैसी कंपनियों को मिल सकता है। इसी बीच, कंपनी ने मैनेजमेंट में भी कुछ अहम बदलाव किए हैं। 1 अप्रैल, 2026 से, राजिव माहेश्वरी (Rajeev Maheshwari) CFO पद से हटकर सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (अकाउंट्स एंड टैक्सेशन) बनेंगे, और इक़बाल सिंह सग्गू (Iqbal Singh Saggu) नए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (फाइनेंस) और CFO का पदभार संभालेंगे।